दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा आम आदमी पार्टी के 11 विधायकों के नाम शामिल थे।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस के पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश से मारपीट वाली याचिका को खारिज कर दिया है, शीर्ष अदालत ने दिल्ली पुलिस को फटकार लगाते हुए कहा कि इसमें कुछ ऐसा नहीं है जिसपर कोई फैसला सुनाया जा सके। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में पूर्व मुख्य सचिव अंशु प्रकाश पर कथित हमले के मामले में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को गवाह का बयान मुहैया कराने के हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा, 'यह आपके लिए एक राजनीतिक का मसला हो सकता है, लेकिन कानूनी रूप से इसमें कुछ भी नहीं है।'
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दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ मारपीट के मामले में दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट दायर की थी, जिसमें मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के अलावा आम आदमी पार्टी के 11 विधायकों के नाम शामिल थे।
क्या है पूरा मामला
तीन साल पहले दिल्ली सरकार के तत्कालीन मुख्य सचिव अंशु प्रकाश के साथ कथित तौर पर मुख्यमंत्री निवास पर 'आप' के कुछ विधायकों द्वारा मारपीट करने का आरोप है। इस मामले में मुख्यमंत्री केजरीवाल, उप-मुख्यमंत्री सिसोदिया समेत पार्टी के 9 अन्य विधायकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। अक्टूबर 2018 में अदालत ने सभी को जमानत दे दी थी।