मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक
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कृषि कानूनों की वापसी के फैसले में मेघालय के राज्यपाल सत्यपाल मलिक की भी भूमिका मानी जा रही है। पिछले कुछ समय से मलिक आंदोलनरत किसान संगठनों के पक्ष में खुल कर आ गए थे। उन्होंने यहां तक कहा था कि अगर इसका समाधान नहीं निकला तो केंद्र में मोदी सरकार की वापसी नहीं होगी। कृषि कानूनों की वापसी की घोषणा के बाद हिमांशु मिश्र ने उनसे बातचीत की।
पीएम ने तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा कर दी है। इस पर आपकी प्रतिक्रिया?
राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि अच्छा लगा कि सरकार समाधान की ओर बढ़ रही है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री और किसानों को बधाई दूंगा। प्रधानमंत्री ने उचित निर्णय लिया है। किसानों को इसलिए बधाई दूंगा कि इस वर्ग ने गांधी के देश में बेहद लंबे और अहिंसक संघर्ष के बाद कामयाबी पाई।
आपको लगता है कि सरकार ने बहुत देर कर दी?
यह सवाल आप सरकार से पूछो। निर्णय करना सरकार का काम है। सरकार ने किन परिस्थितियों में देरी की, इसका सही उत्तर सरकार ही दे पाएगी। मुझे जो कहना था मैं पहले ही कह चुका हूं।
आपने कहा था कि कृषि कानून के कारण मोदी सरकार फिर सत्ता में नहीं आ पाएगी? अब इनकी वापसी की घोषणा के बाद आपका क्या कहना है?
जिस समय जो उचित था मैंने कहा, मैंने इस संदर्भ में प्रधानमंत्री और गृहमंत्री के समक्ष पहले भी अपनी बात रखी थी। अब कानून वापसी के फैसले के बाद राजनीतिक नफा नुकसान या अन्य राजनीतिक सवालों का जवाब मैं नहीं दूंगा।