केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कई मुख्यमंत्री सड़कों के निर्माण, शिक्षा सुविधाओं और पेयजल योजनाओं को सुनिश्चित करने पर ध्यान देते हैं, लेकिन मोदी ने जलवायु परिवर्तन और पौधे लगाने पर भी काम किया।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी देश में ऐसे पहले मुख्यमंत्री थे, जिन्होंने जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को समझा और इसके प्रबंधन को संस्थागत रूप दिया। शाह ने महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले के मुदखेड़ में सीआरपीएफ के प्रशिक्षण मैदान में पौधारोपण करने के बाद संबोधन में यह बात कही।
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उन्होंने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तो उन्होंने सबसे पहले जलवायु परिवर्तन की गंभीरता को समझा और इसका संस्थागत प्रबंधन सुनिश्चित किया। कई मुख्यमंत्री सड़कों के निर्माण, शिक्षा सुविधाओं और पेयजल योजनाओं को सुनिश्चित करने पर ध्यान देते हैं, लेकिन मोदी ने जलवायु परिवर्तन और पौधे लगाने पर भी काम किया।
वैश्विक तापमान में वृद्धि और जलवायु परिवर्तन को शत्रु बताते हुए शाह ने कहा कि हमें पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करनी है। शाह ने कहा कि सीआरपीएफ ने मोदी के जन्मदिवस जो कि मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम दिवस भी है, पर एक करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य हासिल किया है। उन्होंने इस अवसर पर देश के पहले गृह मंत्री सरदार पटेल और मराठवाड़ा मुक्ति संग्राम अभियान के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
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गृह मंत्री ने बल की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि 3.25 लाख कर्मियों का यह बल सभी उम्मीदों पर खरा उतरा है। उन्होंने कहा कि सीआरपीएफ के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा असंभव है। शाह ने बताया कि सीआरपीएफ ने देश के 170 जिलों में एक करोड़ पौधे रोपे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार पौधे रोप सकती है लेकिन इनकी रक्षा सीआरपीएफ को करनी है। मैं सीआरपीएफ के हर जवान से अनुरोध करता हूं कि वे एक पौधे से अपना जुड़ाव रखें।
तेलंगाना भी पहुंचे शाह
वहीं, शाह गुरुवार को तेलंगाना भी पहुंचे। यहां के निर्मल में उन्होंने कहा कि आज का दिन तेलंगाना के लिए स्वतंत्रता दिन भी माना जाता है। आज प्रधानमंत्री मोदी का जन्मदिन भी है। 7-17 सितंबर तक भाजपा इसे सेवा दिन के रूप में भी मना रही है। उन्होंने कहा कि मैं आप सभी को हैदराबाद विमोचन दिन का ह्रदय से शुभकामनाएं देता हूं। आज ही के दिन ये निजाम के शासन में रहा हुआ ये पूरा क्षेत्र सरदार वल्लभ भाई पटेल के पराक्रम के कारण 13 महीने के बाद आज़ाद हुआ था।