अगले साल के आखिर में होने वाले तेलंगाना विधानसभा चुनावों को लेकर भाजपा अभी से तैयारियों में लग गई है। इसी क्रम में शनिवार यानी आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह हैदराबाद पहुंचे हैं। यहां उन्होंने 'राष्ट्रीय साइबर फोरेंसिक प्रयोगशाला' का उद्घाटन किया। अपने दौरे के दौरान उन्होंने महीने भर चलने वाली 'प्रजा संग्राम यात्रा' के दूसरे चरण के समापन के मौके पर आयोजित होने वाली एक जनसभा में लोगों को संबोधित भी किया। उन्होंने शनिवार को के चंद्रशेखर राव के नेतृत्व वाली तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) पर भ्रष्टाचार और वादों को पूरा न करने का आरोप लगाया। टीआरएस के चुनाव चिह्न कार का जिक्र कर कहा कि प्रदेश में ‘कार’ की स्टेयरिंग एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी के हाथों में है।
शाह प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बंडी संजय कुमार की पदयात्रा के दूसरे चरण के पूरा होने पर एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बंडी संजय कुमार की प्रजा संग्राम यात्रा हैदराबाद के निजाम को बदलने की यात्रा है। यह परिवारवाद की मानसिकता के खिलाफ यात्रा है। यह अरबों खरबों का भ्रष्टाचार करने वाली टीआरएस को उखाड़ फेंकने की यात्रा है। उन्होंने लोगों से पूछा कि क्या हमें तेलंगाना के निजाम को बदलने की जरूरत है या नहीं। इसका जनसमूह ने हां में जवाब दिया।
हैदराबाद में शाह ने कहा कि भाजपा अपने विचारों को लेकर तेलंगाना की जनता के पास जाएगी। ये चंद्रशेखर राव तेलंगाना को बंगाल बनाना चाहते हैं, इसे अब रोकना होगा। हम सुनिश्चित करेंगे कि साईं गणेश के हत्यारों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी। मैं चंद्रशेखर से कहना चाहता हूं कि वे कहते चुनाव जल्दी करा दो मैं कहता हूं कि चुनाव कल करा दो भाजपा इसके लिए तैयार है।
अल्पसंख्यक आरक्षण को खत्म करने का वादा
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की टीआरएस सरकार अलग तेलंगाना आंदोलन के अहम मुद्दों पानी, पैसा और नौकरी को पूरा करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने केंद्र की मोदी सरकार की योजनाओं के नाम बदलने के अलावा कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आई तो इन मुद्दों को पूरा करेगी। साथ ही कहा कि उनकी पार्टी राज्य में अल्पसंख्यक आरक्षण को खत्म करेगी और एसटी, एससी और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण को बढ़ाएगी।
टीआरएस ने किए शाह से सवाल
इस बीच तेलंगाना राष्ट्र समिति की नेता कल्वाकुंतला कविता ने गृह मंत्री अमित शाह से सवाल करते हुए कई पोस्ट किए। कविता ने सवाल किया कि देश में भाजपा राज के दौरान सबसे अधिक सांप्रदायिक दंगे क्यों हो रहे हैं? टीआरएस नेता ने केंद्र पर भाजपा शासित कर्नाटक में सिंचाई परियोजनाओं को राष्ट्रीय परियोजना का दर्जा देकर पाखंड करने का आरोप लगाया, लेकिन तेलंगाना में सिंचाई परियोजनाओं के लिए इससे इनकार किया।
रैली और जनसभाओं में आई तेजी
न केवल भाजपा बल्कि अन्य दलों ने भी आगामी चुनावों के लिए अभी से तैयारियां शुरू कर दी है। इसी को देखते हुए टीआरएस मई के आखिर में एक बड़ी रैली करने की योजना बना रही है। वहीं रैली करने में कांग्रेस भी पीछे नहीं है।सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस भी वहां एक रैली करने की योजना बना रही है। कहा ये भी जा रहा है कि कांग्रेस की रैली में राहुल गांधी या प्रियंका गांधी भी शामिल हो सकते हैं।
गौरतलब है कि तेलंगाना की सत्ता को लेकर भाजपा बहुत गंभीर है। भाजपा की इसी गंभीरता का परिणाम है कि साल 2020 में हुए निकाय चुनावों में भाजपा ने बड़ी संख्या में सीटों पर कब्जा जमाया था। 2020 में हुए पार्षद चुनावों को लेकर भाजपा के कई शीर्ष नेताओं ने हैदराबाद का दौरा किया था। उन चुनावों में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भाजपा के स्टार प्रचारक बनकर पहुंचे थे।
अमित शाह की जनसभा से पहले तेलंगाना भाजपा के उपाध्यक्ष जी मनोहर रेड्डी ने कहा कि अमित शाह की तुक्कुगुड़ा बैठक में राज्य भाजपा कैडर शामिल होंगे, जिनके बड़ी संख्या में उपस्थित होने की उम्मीद है।