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Samvad: 'अटलजी इन अधिकारियों की मत सुनो, सत्यानाश कर देंगे', ग्राम सड़क योजना पर गडकरी ने दिलचस्प किस्सा सुनाया

स्पेशल डेस्क, अमर उजाला Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Tue, 03 Sep 2024 07:55 PM IST

सार

Samvad: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने अमर उजाला के मंच पर विकसित भारत के रोडमैप पर अपनी राय रखी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से जुड़ा एक किस्सा सुनाया। 
 
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नितिन गडकरी - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला संवाद हरियाणा का आज दूसरा दिन है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अमर उजाला के मंच पर विकसित भारत के रोडमैप पर चर्चा की। इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। 

केंद्रीय मंत्री ने बताया, 'अटल बिहारी वाजपेयी जब देश के प्रधानमंत्री थे। उस समय सुंदरलाल पटवा देश के ग्रामीण विकास मंत्री थे। पटवा जी ने मुझसे कहा कि आपको अटलजी ने बुलाया है, आप दिल्ली चलो। मैं मंत्री था। मैं दिल्ली गया तो अटलजी ने मुझसे कहा कि तुम देश के गांवों को जोड़ने वाली योजना तैयार करो। पटवाजी कह रहे हैं कि तुम बना सकते हो, तुम इसमें काम करो।' 




नितिन गडकरी ने आगे बताया, 'मैंने योजना बनाई। उस वक्त नाबार्ड के प्रमुख थे, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर थे। मैंने पूरी योजना अटल जी को दी, फिर कुछ हो ही नहीं रहा था। जब एक बार बैठक हुई तो प्रधानमंत्री के पीएस सुधींद्र कुलकर्णी थे, अटलजी ने मुझे डांटकर पूछा कि ये होता क्यों नहीं? तब मैंने कहा कि इसका जवाब मैं कैसे दे सकता हूं, देश का प्रधानमंत्री इसका जवाब देगा कि क्यों नहीं हुआ। फिर उन्होंने पूछा तो एक अधिकारी बार-बार कहते कि प्रधानमंत्री राज्य के विषय पर आप नहीं खर्च कर सकते। गांव को जोड़ने वाली बात राज्य का विषय है। कई बार हुआ तो मैंने कहा अटलजी ये अधिकारी आपका सत्यानाश कर देंगे, यदि आप इनका सुनते रहोगे। मैं आपको कहता हूं कि आप इनकी बात मत सुनिए, आप निर्णय कीजिए और योजना शुरू कीजिए।'

मंत्री ने बताया, '2003-04 में साढ़े छह लाख गांवों में से 10 फीसदी गांवों में भी जाने के लिए सड़कें नहीं थीं। गांव से दूध, फल, सब्जी जैसी चीजें कैसे आती? मुझे खुशी है कि अटलजी ने इसे स्वीकार किया और 15 दिन के भीतर योजना शुरू करने की घोषणा लाल किले से की। इसका नाम है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना। यह योजना मैंने बनाई थी जिसके कारण आज गांवों में सड़कें बनीं हैं।'
 
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नितिन गडकरी - फोटो : अमर उजाला
अमर उजाला संवाद हरियाणा का आज दूसरा दिन है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने अमर उजाला के मंच पर विकसित भारत के रोडमैप पर चर्चा की। इस विशेष कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क से जुड़ा एक दिलचस्प किस्सा सुनाया। 

केंद्रीय मंत्री ने बताया, 'अटल बिहारी वाजपेयी जब देश के प्रधानमंत्री थे। उस समय सुंदरलाल पटवा देश के ग्रामीण विकास मंत्री थे। पटवा जी ने मुझसे कहा कि आपको अटलजी ने बुलाया है, आप दिल्ली चलो। मैं मंत्री था। मैं दिल्ली गया तो अटलजी ने मुझसे कहा कि तुम देश के गांवों को जोड़ने वाली योजना तैयार करो। पटवाजी कह रहे हैं कि तुम बना सकते हो, तुम इसमें काम करो।' 



नितिन गडकरी ने आगे बताया, 'मैंने योजना बनाई। उस वक्त नाबार्ड के प्रमुख थे, रिजर्व बैंक के डिप्टी गवर्नर थे। मैंने पूरी योजना अटल जी को दी, फिर कुछ हो ही नहीं रहा था। जब एक बार बैठक हुई तो प्रधानमंत्री के पीएस सुधींद्र कुलकर्णी थे, अटलजी ने मुझे डांटकर पूछा कि ये होता क्यों नहीं? तब मैंने कहा कि इसका जवाब मैं कैसे दे सकता हूं, देश का प्रधानमंत्री इसका जवाब देगा कि क्यों नहीं हुआ। फिर उन्होंने पूछा तो एक अधिकारी बार-बार कहते कि प्रधानमंत्री राज्य के विषय पर आप नहीं खर्च कर सकते। गांव को जोड़ने वाली बात राज्य का विषय है। कई बार हुआ तो मैंने कहा अटलजी ये अधिकारी आपका सत्यानाश कर देंगे, यदि आप इनका सुनते रहोगे। मैं आपको कहता हूं कि आप इनकी बात मत सुनिए, आप निर्णय कीजिए और योजना शुरू कीजिए।'

मंत्री ने बताया, '2003-04 में साढ़े छह लाख गांवों में से 10 फीसदी गांवों में भी जाने के लिए सड़कें नहीं थीं। गांव से दूध, फल, सब्जी जैसी चीजें कैसे आती? मुझे खुशी है कि अटलजी ने इसे स्वीकार किया और 15 दिन के भीतर योजना शुरू करने की घोषणा लाल किले से की। इसका नाम है प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना। यह योजना मैंने बनाई थी जिसके कारण आज गांवों में सड़कें बनीं हैं।'
 
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