61 फीसदी पाठकों नहीं लगता कि चन्नी को पंजाब में सीएम उम्मीदवार बनाने से कांग्रेस में कलह खत्म नहीं होगी। वहीं, पोल में 38.57 फीसदी ने माना कि इससे कांग्रेस कलह खत्म होगी।
क्या चरनजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाने के बाद पंजाब कांग्रेस की कलह खत्म हो जाएगी? अमर उजाला पोल में इस सवाल का जवाब बताता है कि अधिकतर पाठक ऐसा नहीं सोचते हैं। 61 फीसदी पाठकों ने इसका जवाब नहीं में दिया। इन्हें नहीं लगता कि चन्नी को पंजाब में सीएम उम्मीदवार बनाने से कांग्रेस में कलह खत्म नहीं होगी। वहीं, पोल में 38.57 फीसदी ने माना कि इससे कांग्रेस में कलह खत्म होगी।
विज्ञापन
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में लगातार घमासान मचा हुआ है। कैप्टन अमरिंदर के कांग्रेस छोड़ने के बाद भी कलह खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू के तेवर सख्त बने हुए हैं। वह साफ कह चुके थे कि पंजाब का सीएम हाईकमान नहीं बल्कि जनता चुनेगी।
हालांकि चन्नी को सीएम उम्मीदवार घोषित किए जाने से ठीक पहले सिद्धू ने कहा था कि वह राहुल गांधी का फैसला मानेंगे। सिद्धू ने कहा कि हर कोई राहुल गांधी के फैसले का पालन करेगा। एक ट्वीट कर सिद्धू ने कहा था कि बिना किसी निर्णय के कभी भी कुछ भी महान हासिल नहीं हुआ... पंजाब को स्पष्टता देने आए हमारे अग्रणी प्रकाश राहुल जी का हार्दिक स्वागत…. सब उनके फैसले का पालन करेंगे!!!
विज्ञापन
पहले दिखाए थे कड़े तेवर
कांग्रेस की तरफ से अगले सीएम चेहरे के लिए मौजूदा सीएम चरणजीत चन्नी और पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के नाम पर विचार किया गया था। हालांकि सर्वे में चन्नी सिद्धू से आगे निकल गए। इसके बाद हाईकमान की तरफ से कई तरीकों से चन्नी का नाम फाइनल होने का संकेत दिया। वहीं हाईकमान का रुख भांपते ही सिद्धू के तेवर भी कड़े हो गए थे।