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Maharashtra: सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान महिला के पेट में पट्टी छोड़ने का आरोप, डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश

Wed, 11 Sep 2024 07:16 PM IST
बशु जैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लातूर

सार

हबीबा वसीम जेवले ने कहा कि उनकी पत्नी का अप्रैल में औसा इलाके के अस्पताल में सिजेरियन सेक्शन हुआ था। इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। करीब तीन सप्ताह बाद उनको पेट में दर्द की शिकायत हुई। अल्ट्रासाउंड में पता लगा कि उसके पेट में पट्टी का टुकड़ा है।
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Doctor (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : istock
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विस्तार
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लातूर में एक डॉक्टर पर सिजेरियन ऑपरेशन के दौरान एक महिला के पेट में पट्टी छोड़ने का आरोप लगा है। शिकायत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर के खिलाफ जांच के आदेश दिए हैं। अधिकारियों ने बताया कि जांच रिपोर्ट के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी। 

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शिकायत में हबीबा वसीम जेवले ने कहा कि उनकी पत्नी का अप्रैल में औसा इलाके के अस्पताल में सिजेरियन सेक्शन हुआ था। इसके बाद उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। करीब तीन सप्ताह बाद उनको पेट में दर्द की शिकायत हुई तो वह फिर से अस्पताल आईं। अस्पताल से महिला को लातूर के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में रेफर किया गया। यहां वह 20 दिन तक भर्ती भी रही।

महिला के पति ने दावा किया कि करीब चार महीने तक पेट में दर्द से महिला परेशान रही। जब दर्द बढ़ा तो परिजन महिला को लेकर धाराशिव जिले के ओमरगा शहर में एक निजी अस्पताल में ले गए। यहां अल्ट्रासाउंड के बाद पता लगा कि महिला के पेट में पट्टी का टुकड़ा है। इसके बाद जेवले ने औसा सिविल अस्पताल की प्रभारी डॉ. सुनीता पाटिल से शिकायत की। साथ ही सी-सेक्शन डिलीवरी करने वाले डॉक्टर और नर्स को निलंबित करने की मांग की।
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डॉ. सुनीता पाटिल ने बताया कि मामले की सूचना वरिष्ठ स्वास्थ्य अधिकारियों को दी गई है। साथ ही आरोपों की जांच के लिए समिति का गठन किया गया है। इसके अलावा डॉक्टर और एक नर्स को नोटिस जारी किया गया है।

जिला सिविल सर्जन डॉ. प्रदीप ढेले ने बताया कि मरीज का लातूर से पहले औसा अस्पताल में और बाद में एक निजी अस्पताल में इलाज किया गया। उन्होंने बताया कि मामले में जांच समिति सभी अस्पतालों की रिपोर्ट देखेगी। साथ ही डॉक्टरों के बयानों का भी सत्यापन करेगी। जांच के बाद जो भी सामने आएगा उस आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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