अजीत पवार, उप-मुख्यमंत्री, महाराष्ट्र
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महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री अजीत पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इसमें उन्होंने प्रधानमंत्री से पड़ोसी राज्य कर्नाटक के साथ लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को सुलझाने के लिए दखल देने की मांग की है। 9 अगस्त को लिखे इस पत्र में पवार ने मोदी से मराठी भाषी लोगों पर कर्नाटक सरकार के अत्याचारों को रोकने और विवादित क्षेत्रों को महाराष्ट्र में शामिल करने का बीड़ा उठाने की अपील की।
दरअसल, बेलगाम, कारवर और निप्पनी समेत कई सीमावर्ती इलाकों पर महाराष्ट्र अपना दावा जताते आया है। इन इलाकों में ज्यादातर मराठी बोलने वाले लोग रहते हैं। वहीं, बेलगाम और अन्य सीमावर्ती इलाकों का मामला कई वर्षों से सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन भी है।
समाधान होने तक महाराष्ट्र आराम नहीं करेगा : पवार
पवार ने कहा कि महाराष्ट्र राज्य का गठन और मुंबई को इसकी राजधानी बने हुए 60 साल से अधिक समय हो गया है, लेकिन, बेलगाम, कारवार, बीदर, भालकी, निप्पनी और कर्नाटक के अन्य मराठी भाषी क्षेत्र अभी भी महाराष्ट्र में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र और इसकी सीमा से लगे कर्नाटक के मराठी भाषी इलाकों में रहने वालों को इस बात का अफसोस है कि अभी तक इस मुद्दे का समाधान नहीं हुआ है। जब तक सीमा पर मराठी भाषी क्षेत्रों सहित संयुक्त महाराष्ट्र का सपना साकार नहीं हो जाता, तब तक महाराष्ट्र आराम नहीं करेगा।
कानूनी तरीकों से लड़ाई जारी रहेगी : पवार
राकांपा नेता ने पीएम को लिखे अपने पत्र में कहा कि कानूनी तरीकों से लड़ाई जारी रहेगी। हम चाहते हैं कि आप महाराष्ट्र के लोगों की इच्छाओं का संज्ञान लें और न्याय सुनिश्चित करें। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई चल रही है और हमें विश्वास है कि महाराष्ट्र को न्याय मिलेगा। उन्होंने पत्र में कहा कि हम कर्नाटक के सीमावर्ती इलाकों के मराठी लोगों को न्याय दिलाने के लिए आपकी मदद चाहते हैं। मुझे यकीन है कि आप ऐसा करेंगे।