भारतीय वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि देश के उत्तरी सीमा पर स्थित पड़ोसी को देखते हुए, हमारे पास उत्कृष्ट दर्जे की प्रौद्योगिकियां होनी चाहिए। उन्होंने विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने पर जोर दिया।
चीन से लगातार मिल रही चुनौतियों के मद्देनजर भारतीय वायुसेना अगले दो दशकों में करीब 350 विमानों की खरीद पर विचार कर रही है। वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बुधवार को यह जानकारी दी।
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भारतीय एयरोस्पेस क्षेत्र विषय पर एक सम्मेलन में चीफ ऑफ एयर स्टाफ ने अपने संबोधन में चीन से मिल रही चुनौतियों के मद्देनजर भारतीय वायुसेना को और मजबूती देने के लिए विषम क्षमताओं को विकसित करने की आवश्यकता के बारे में भी बात की।
वायुसेना प्रमुख ने कहा कि देश के उत्तरी सीमा पर स्थित पड़ोसी को देखते हुए, हमारे पास उत्कृष्ट दर्जे की प्रौद्योगिकियां होनी चाहिए जिन्हें सुरक्षा कारणों से हमारे अपने उद्योग द्वारा देश में ही बनाया जाना चाहिए।
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एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने पर दिया जोर
विभिन्न चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने पर जोर देते हुए एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने कहा कि भारतीय वायुसेना अगले दो दशकों में देश से ही लगभग 350 विमान खरीदने पर विचार कर रही है। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि यह एक अनुमान है। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि तेजस हल्के लड़ाकू विमान परियोजना ने भारत में एयरोस्पेस उद्योग में भरोसा पैदा किया है और यह भी विश्वास जगाया है कि इसके और विकसित होने की असीम संभावनाएं हैं।