उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट से ट्विटर इंडिया के पूर्व प्रबंध निदेशक मनीष माहेश्वरी को जारी एक नोटिस को रद्द करने के कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ अपनी याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की।
यह मामला एक यूजर द्वारा सोशल नेटवर्किंग साइट पर सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील वीडियो अपलोड करने की जांच से जुड़ा है। जांच के सिलसिले में यूपी पुलिस ने माहेश्वरी को 23 जुलाई को नोटिस जारी करते हुए पूछताछ के लिए व्यक्तिगत तौर पर पेश होने को कहा था।
लेकिन कर्नाटक हाईकोर्ट ने इस नोटिस को दुर्भावनापूर्ण करार देते हुए खारिज कर दिया था। यूपी सरकार ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी, लेकिन अब तक सुनवाई नहीं हो सकी है।
बुधवार को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चीफ जस्टिस एनवी रमण की अध्यक्षता वाली तीन सदायीय पीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख किया। सॉलिसिटर जनरल ने इस मामले में जल्द सुनवाई की मांग पीठ से की। पीठ ने उनके अनुरोध को स्वीकार करते हुए कहा कि इस मामले में सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।