फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Asaduddin Owaisi: 'भारत का विभाजन कभी नहीं होना चाहिए था, यह एक ऐतिहासिक गलती', असदुद्दीन ओवैसी ने कही यह बात

Mon, 16 Oct 2023 05:50 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

भारत के विभाजन को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऐतिहासिक गलती करार दिया। उन्होंने दावा किया कि उस समय के इस्लामिक विद्वानों ने भी दो राष्ट्र सिद्धांत का विरोध किया था।
विज्ञापन
Asaduddin Owaisi (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत के विभाजन को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने ऐतिहासिक गलती करार दिया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, भारत का विभाजन कभी नहीं होना चाहिए था। यह एक ऐतिहासिक गलती थी। दुर्भाग्य से यह विभाजन हुआ। ऐसा नहीं होना चाहिए था।
विज्ञापन


ओवैसी बोले- बहस में बताऊंगा कि कौन है विभाजन का जिम्मेदार
भारत के विभाजन पर बोलते हुए उन्होंने कहा, लेकिन अगर आप चाहें, तो एक बहस का आयोजन करें। उस बहस में मैं आपको बताऊंगा कि इस देश के विभाजन के लिए कौन जिम्मेदार है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी और भारत के पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद की किताब 'इंडिया विन्स फ्रीडम' पढ़ने का भी सुझाव दिया और बताया कि कैसे वह कांग्रेस नेताओं के पास गए और उनसे विभाजन के इस प्रस्ताव को स्वीकार न करने की विनती की।

ओवैसी ने कहा, विभाजन होना पूर्ण रुप से गलत
पत्रकारों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, इस देश का बंटवारा नहीं होना चाहिए था। उस वक्त जितने भी नेता थे, वो सब जिम्मेदार थे। अगर आप मौलाना अबुल कलाम आजाद की किताब 'इंडिया विन्स फ्रीडम' पढ़ेंगे हैं, तब आपको पता चलेगा कि उन्होंने सभी कांग्रेस नेताओं से अनुरोध किया था कि देश का विभाजन न किया जाए। उन्होंने आगे दावा किया कि उस समय के इस्लामिक विद्वानों ने भी दो राष्ट्र सिद्धांत का विरोध किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें