एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी द्वारा पुलिस कर्मियों को धमकाने के बाद से राजनीति तेज हो गई है। इसी बीच, एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, समय होने के बावजूद भाषण देने से रोका गया। ऐसा पक्षपातपूर्ण रवैया हमारे साथ क्यों। पढ़िए पूरा मामला...
अकबरुद्दीन ओवैसी हैदराबाद के ललिताबाग में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान, संतोषनगर के एक पुलिस निरिक्षक मौके पर पहुंचे और नेताओं से बैठक को समय पर समाप्त करने के लिए कहा। इस पर एआईएमआईएम नेता गुस्से से आग बबूला हो गए।
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अकबरुद्दीन ओवैसी ने पुलिस निरीक्षण को भरे मंच से दी धमकी
एआईएमआईएम नेता अकबरुद्दीन ओवैसी के बयान से राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। ललिताबाग में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अकबरुद्दीन ओवैसी खुलेआम पुलिस निरीक्षण को धमकी देते नजर आए। पुलिस निरीक्षक ने एआईएमआईएम नेता को आदर्श आचार संहिता के पालन करने को कहा, जिसके बाद अकबरुद्दीन पुलिस अधिकारी पर ही बिफर पड़े। उन्होंने जनसभा के मंच से ही अधिकारी के साथ बदसलूकी करते हुए कहा, मेरे पास मेरी घड़ी है, चलिए यहां से जाइए। साथ ही धमकी दी कि अगर पुलिस अधिकारी मंच से नहीं गए तो उनके इशारे पर समर्थक उन्हें वहां से दौड़ाने के लिए काफी है। जिसके बाद से ही मामले पर बयानबाजी तेज हो गई है।
अकबरुद्दीन ओवैसी के खिलाफ आईपीसी धारा 353 और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। संतोषनगर के एसएचओ की शिकायत पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
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असदुद्दीन ओवैसी बोले, पुलिस द्वारा पक्षपातपूर्ण व्यवहार किया गया
पूरे मामले पर एआईएमआईएम नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, रात 10 बजे के बाद पाबंदी है। अगर समय रात दस बजकर एक मिनट होता तो आपको रोकने का पूरा अधिकार है। लेकिन पांच मिनट पहले ही पुलिस अधिकारी मंच पर क्यों आ गए। कानूनी रूप से हम सही है, लेकिन आप हमें पांच मिनट पहले ही रोकने को कहते हैं। यह कैसा व्यवहार है, पांच मिनट में बहुत कुछ कहा जा सकता है। एक वक्ता के लिए भाषण की शुरूआत और समापन मायने रखती है।