भारतीय टीम भले ही विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हार गई, लेकिन उसने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीत लिया। टीम इंडिया ने फाइनल को छोड़कर पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया और लगातार 10 मैच जीते। भारतीय खिलाड़ियों का वर्चस्व आईसीसी द्वारा चुनी गई टूर्नामेंट की बेस्ट टीम में भी देखने का मिला। 11 में से छह खिलाड़ी भारत के चुने गए। विराट कोहली ने 11 पारियों में 765 रन लिए। वह सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी बने। वहीं, मोहम्मद शमी ने सात मैचों में 24 विकेट लिए। वह टूर्नामेंट में सर्वाधिक विकेट लेने वाले खिलाड़ी रहे। शमी की सफलता पर देशवासी झुमते नजर आए। वहीं, पाकिस्तान के कुछ पूर्व खिलाड़ियों ने उनकी आलोचना की।
शमी ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर निशाना साधते हुए कहा कि वह उनकी सफलता को नहीं पचा पा रहे हैं। शमी को शुरुआती मैचों में खेलने का मौका नहीं मिल पा रहा था। शार्दुल ठाकुर को तेज गेंदबाजी के साथ-साथ बल्लेबाजी करने के कारण प्लेइंग-11 में जगह मिली। बांग्लादेश के खिलाफ मैच में जब हार्दिक चोटिल हो गए तब टीम संयोजन में बदलाव हुआ और शमी को शार्दुल की जगह शामिल किया गया। हार्दिक की जगह सूर्यकुमार यादव को खेलने का मौका मिला।
हसन रजा पर बरसे शमी
शमी ने न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने पहले मैच में पांच विकेट लिए। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। शमी ने इंग्लैंड, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका का बहुत बुरा हाल किया। इसी बीच पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर हसन रजा ने एक बेतुका बयान दिया। उन्होंने कहा कि आईसीसी शायद भारतीय तेज गेंदबाजों को अलग-अलग गेंदें दे रही है और इसलिए वे इतना मूवमेंट हासिल करने में सक्षम हैं। शमी इस बात पर ध्यान देने वाले एकमात्र भारतीय क्रिकेटर थे। उन्होंने साजिश की थ्योरी की आलोचना करते हुए एक इंस्टाग्राम पर स्टोरी शेयर की। अब विश्व कप खत्म होने के बाद एक पॉडकास्ट में उन्होंने हसन रजा सहित उन पाकिस्तानी खिलाड़ियों की आलोचना की, जिन्होंने टीम इंडिया पर सवाल उठाए थे।
शमी ने कहा, "मुझे पता है कि सच बोलते समय मैं कड़वा हो सकता हूं लेकिन अगर इन सबके बाद भी मैं अपना मुंह नहीं खोलूंगा तो यह सही नहीं होगा। मैं किसी से ईर्ष्या नहीं करता। यदि आप दूसरों की सफलता का आनंद लेना शुरू कर देते हैं तो आप एक बेहतर खिलाड़ी बन सकते हैं। मैं विश्व कप की शुरुआत में नहीं खेल रहा था। जब खेल रहा था तब पांच, चार विकेट या फिर पांच विकेट लिए। कुछ पाकिस्तान के खिलाड़ियों को ये बात हजम नहीं हो रही तो मैं क्या करूं?''
शमी ने आगे कहा, ''उनके दिमाग में यह बात बैठी है कि हमारी टीम (पाकिस्तान) बेहतर है। भाई बेस्ट वो होता है जो समय पर सही प्रदर्शन करे। आप बिना किसी कारण के विवाद पैदा कर रहे हैं कि तुम्हें गेंद कुछ और रंग मिल रही है...किसी और कंपनी की मिल रही है...सुधर जाओ यार।''
वसीम अकरम का दिया उदाहरण
शमी ने यह भी कहा कि दिग्गज वसीम अकरम ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में गेंदों के चयन की प्रक्रिया को समझाया लेकिन इसके बावजूद कुछ पूर्व क्रिकेटरों ने ऐसा कहा। वसीम अकरम ने बताया था कि गेंद कैसे चुनी जाती है। कैसे चौथा अंपायर फील्डिंग टीम के पास एक बॉक्स लाता है लेकिन उसके बावजूद आप यह सब कहते हैं? अगर आपने कभी मैच नहीं खेला है तो यह समझ में आता है, लेकिन जब एक पूर्व खिलाड़ी ऐसा कहता है तो लोग हंसने के अलावा कुछ और करेंगे।''