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War of Words: पलानीस्वामी ने DMK को बताया कार्पोरेट कंपनी, कहा- स्टालिन पपेट सीएम, उनसे कोई उम्मीद नहीं

Sun, 24 Mar 2024 11:00 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला,तिरुचिरापल्ली

सार

राज्य के पूर्व सीएम रहे पलानीस्वामी ने मदुरै एम्स परियोजना को लेकर डीएमके सरकार से कई सवाल पूछे। पलानीस्वामी ने कहा कि सीएम स्टालिन पपेट सीएम हैं, उनसे क्या ही उम्मीद की जा सकती है। राज्य की सत्ता संभालने के बाद तीन साल में सीएम स्टालिन ने क्या हासिल किया है?
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ई पलानीस्वामी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देश में लोकसभा के चुनावी रण की दुंदुभी बजने के बाद राजनैतिक विरोधी एक दूसरे के खिलाफ शब्दों के बाण छोड़ रहे हैं। रविवार को तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिला। यहां एआईएडीएमके प्रमुख पलानीस्वामी ने अपने लोकसभा अभियान की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने सत्तारूढ़ डीएमके पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने डीएमके को एक पारिवारिक पार्टी और कॉर्पोरेट कंपनी बताते हुए कहा कि इसका लक्ष्य सिर्फ राज्य को लूटना है। 

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राज्य के पूर्व सीएम रहे पलानीस्वामी ने मदुरै एम्स परियोजना को लेकर डीएमके सरकार से कई सवाल पूछे। पलानीस्वामी ने कहा कि सीएम स्टालिन पपेट सीएम हैं, उनसे क्या ही उम्मीद की जा सकती है। राज्य की सत्ता संभालने के बाद तीन साल में सीएम स्टालिन ने क्या हासिल किया है? उन्होंने आगे कहा कि सत्तारूढ़ दल के पास अपनी उपलब्धियों को दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने अपने लोकसभा चुनाव अभियान में केवल उन्हें और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दोषी ठहराया है। पलानीस्वामी ने कहा कि इसके अलावा स्टालिन के पास कुछ नहीं है। द्रमुक तमिलनाडु और केंद्र में केवल लूट करना चाहती है। इसी कारण स्टालिन केंद्र में सत्ता हासिल करने के लिए बेताब हैं।
 
उदयनिधि स्टालिन द्वारा ईंट दिखाने का किया जिक्र
तिरुचिरापल्ली में डीएमके सरकार पर आरोप लगाते हुए पलानीस्वामी ने कहा कि केंद्र में 38 सांसद होने के बाद भी मदुरै एम्स परियोजना के लिए उन्होंने कुछ नहीं किया। पलानीस्वामी ने कहा कि इस परियोजना के लिए तमिलनाडु के मंत्री और द्रमुक नेता उदयनिधि स्टालिन ने पिछले चुनावों अभियान में एक 'ईंट' दिखा रहे थे। ऐसा करके वे बता रहे थे कि एम्स परियोजना अभी शुरू नहीं हुई है। लेकिन बाद में डीएमके सरकार ने क्या किया? पलानीस्वामी ने कहा, 'सार्वजनिक रूप से एक ईंट प्रदर्शित करने का कोई फायदा नहीं है।  कृपया स्क्रिप्ट बदलें। परियोजना का मुद्दा डीएमके द्वारा संसद में उठाया जाना चाहिए था ताकि इसे पूरा करने के लिए केंद्र पर दबाव बनाया जा सके। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। वे वहां मूक दर्शक बने रहे।'  पलानीस्वामी ने सवाल करते हुए कहा कि  केंद्र की मदुरै एम्स परियोजना तमिलनाडु में अन्नाद्रमुक शासन काल (2011-21) में शुरू की गई थी। लेकिन फिर 2019 लोकसभा में 38 सांसद होने के बाद भी आपने क्या किया? 
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