कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने एक बार फिर केंद्र सरकार की स्कीम को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने सेना से जुड़ी अग्निपथ योजना पर टिप्पणी की और कहा, शहीदों के बलिदान में भेदभाव सैनिकों का अपमान है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार की अग्निपथ स्कीम को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने शनिवार को अग्निवीरों और नियमित जवानों के परिवारों का जिक्र कर कहा, शहीदों के बलिदान में भेदभाव सैनिकों का अपमान है। राहल ने शहीद जवानों की शहादत के बाद मिलने वाले लाभ की शर्तों में अंतर का हवाला दिया।
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बता दें कि राहुल अग्निपथ योजना की मुखर आलोचना करते रहे हैं। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर एक चार्ट साझा कर कहा, "शहीदों के बलिदान में भेदभाव उनका अपमान है।" उन्होंने जोर देकर कहा कि हर शहीद के खून का मूल्य समान होना चाहिए।
राहुल ने एक्स पोस्ट में चार्ट शेयर किया जिसमें अग्निवीरों के परिवारों को कर्तव्य के दौरान अपनी जान देने के बाद नियमित सैनिकों की तुलना में कम लाभ दिखाया गया है। उन्होंने इस सप्ताह की शुरुआत में भी आरोप लगाया था कि अग्निपथ योजना भारत के बहादुरों का "अपमान" करने के लिए तैयार की गई थी, क्योंकि अग्निवीरों की शहादत के बाद उनके परिवारों को कोई पेंशन या अन्य लाभ नहीं दिया जाता है।
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सियाचिन में जवान की शहादत, राहुल का बयान
हालांकि, सत्तारुढ़ बीजेपी ने राहुल गांधी के आरोपों का खंडन किया था। राहुल ने अग्निवीर गवते अक्षय लक्ष्मण की तस्वीर साझा की थी और कहा था कि सियाचिन में उनकी मृत्यु की खबर दुखद है। कांग्रेस सांसद ने कहा था, "उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। एक जवान देश के लिए शहीद हो गया - उसकी सेवा के लिए कोई ग्रेच्युटी नहीं, कोई अन्य सैन्य सुविधाएं नहीं, और शहादत पर उसके परिवार को कोई पेंशन नहीं। राहुल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा था, ''अग्निवीर भारत के नायकों का अपमान करने की एक योजना है।'' गौरतलब है कि लक्ष्मण की पिछले शनिवार तड़के सियाचिन में ड्यूटी के दौरान मौत हो गई।
बता दें कि अग्निपथ योजना 2022 के तहत सेना के तीनों अंगों- थल सेना, नौसेना और वायु सेना में सैनिकों की भर्ती के नियम बदले हैं। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सैन्य आधुनिकीकरण और रक्षा बलों में आयु से जुड़ी चिंताओं को दूर करने के लिए अब अधिकतम चार साल तक की अवधि वाली अल्पकालिक संविदा भर्ती शुरू की गई है।