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Maharashtra: मुंबई की कॉलेज में हिजाब के बाद फटी जिंस पर लगा प्रतिबंध, छात्रों को करना होगा ड्रेस कोड का पालन

Tue, 02 Jul 2024 03:09 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के महासचिव सुबोध आचार्य ने कहा कि यह नोटिस नया नहीं है। हम केवल छात्रों को ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कह रहे हैं।  हम छात्रों से साड़ी पहन कर आने को नहीं कह रहे हैं।
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छात्राएं (सांकेतिक तस्वीर) - फोटो : फ्रीपिक
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विस्तार
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महाराष्ट्र में मुंबई की एक कॉलेज ने हिजाब पर बैन लगाने के बाद अब छात्रों को फटी जिंस पहनने पर भी रोक लगा दी। केवल फटी जिंस ही नहीं, बल्कि जर्सी, दिखावटी पोशाक और धर्म को उजागर करने वाले कपड़ों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। चेंबूर ट्रॉम्बे एजुकेशन सोसाइटी के एन जी आचार्य और डी के मराठे कॉलेज ने 27 जून को एक नोटिस जारी कर कहा कि छात्रों को कैंपस में औपचारिक पोशाक पहननी चाहिए।
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नोटिस में कहा गया, छात्र हाफ या फुल शर्ट और पैंट पहन सकते हैं। लड़कियां कोई भी भारतीय या वेस्टर्न पोशाक पहन सकती हैं। बता दें कि यह निर्देश तब आया जब 26 जून को बॉम्बे हाई कोर्ट ने कॉलेज द्वारा अपने कैंपस में हिजाब और बुर्का पर प्रतिबंध लाने के फैसले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया। अदालत ने बताया कि ऐसे नियम छात्रों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं है। 

हिजाब, बुर्का, कैप हटाने के बाद ही कॉलेज परिसर में घूमने की अनुमति
नोटिस में कहा गया, छात्रों को ऐसे पोशाक नहीं पहनने चाहिए जो धर्म को उजागर करे और संस्कृति की असमानता को दर्शाए। छात्र अपना हिजाब, बुर्का, नकाब, स्टोल, कैप इत्यादि को ग्राउंड फ्लोर के कॉमन रूम में जाकर हटा सकते हैं। इसके बाद ही वह कॉलेज के परिसर में घूम सकते हैं। फटी जींस, टी-शर्ट, दिखावटी पोशाक और जर्सी पहनकर आने की अनुमति नहीं है। नोटिस में यह भी बताया गया कि सभी छात्रों की 75 फीसदी उपस्थिति अनिवार्य है। इसमें आगे कहा गया, अनुशासन ही सफलता की कुंजी है।
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कॉलेज गवर्निंग काउंसिल के महासचिव सुबोध आचार्य ने कहा, "यह नोटिस नया नहीं है। हम केवल छात्रों को ड्रेस कोड का पालन करने के लिए कह रहे हैं, जिसमें दिखावटी पोशाक पहनने से मना किया गया है। हम छात्रों से साड़ी पहन कर आने को नहीं कह रहे हैं।" कॉलेज प्रिंसिपल विद्यागौरी लेले ने कहा, "छात्र हिजाब या बुर्का पहनकर कॉलेज में आ सकते हैं। वह इन्हें कॉलेज के कॉमन रूम में उतार कर रख दें और फिर अपना काम करें।"

कॉलेज परिसर में हिजाब-बुर्का पर प्रतिबंध के निर्देश को चुनौती देने के लिए छात्रों ने पिछले महीने हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने 26 जून को कहा कि ड्रेस कोड अनुशासन कायम करने के लिए बनाया गया है। इसी के साथ कोर्ट ने नौ छात्रों द्वारा प्रतिबंध के खिलाफ दायर याचिका को खारिज कर दिया। 
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