अफगानिस्तान में तालिबानी लड़ाके
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भारत में 10 साल तक अवैध रूप से रहा एक अफगानी नागरिक तालिबान के लड़ाके के रूप में नजर आया है। शुक्रवार को हाथ में हथियार उठाए उसकी तस्वीर सोशल मीडिया में आई। जून में उसे वापस अफगानिस्तान भेजा गया था।
नागपुर के एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि नूर मोहम्मद अजीज मोहम्मद (30) अवैध रूप से नागपुर में पिछले कई सालों से रह रहा था। वह शहर के दिघोरी इलाके में किराए के घर में रहता था। खुफिया जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने उसकी गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की थी। 23 जून को उसे हिरासत में लेकर अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया था। उन्होंने बताया कि वतन वापसी के बाद वह संभवत: तालिबान में शामिल हो गया है। बंदूक पकड़े उसकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई है।
2010 में टूरिस्ट वीजा पर भारत आया था
उस समय जांच के दौरान पुलिस को पता चला था कि वह 2010 में छह महीने के टूरिस्ट वीजा पर नागपुर आया था। इसके बाद उसने शरणार्थी का दर्जा पाने के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार आयोग में याचिका दायर की थी। वह नामंजूर कर दी गई थी, इसके बाद भी वह नागपुर में ही रह रहा था।
बाएं कंधे पर गोली का निशान था
एक अन्य पुलिसकर्मी ने बताया कि नूर मोहम्मद का असली नाम अब्दुल हक था। पिछले साल नूर का हथियार के साथ वीडियो सोशल मीडिया पर आया था। बाद में जब पुलिस ने उसे पकड़ा तो उसे बाएं कंधे पर गोली का भी निशान था। जब उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की गई तो पता चला कि वह कुछ आतंकवादियों को भी फॉलो करता था। पुलिस ने यह भी बताया कि वह अविवाहित था और यहां कंबल बेचने का काम कर रहा था। उसका भाई तालिबान के लिए काम करता है।
बता दें, अफगानिस्तान पर तालिबान ने 15 अगस्त को कब्जा कर लिया है और उसने वहां इस्लामिक अमीरात की स्थापना कर दी है। यानी वह इस्लामिक देश बन गया है।