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SpiceJet: फ्लाइट में गुजिया खाना पायलटों को पड़ा भारी, फोटो हुई वायरल तो कंपनी ने उठाया ये कदम

Thu, 16 Mar 2023 10:58 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

इसकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसमें देखा जा सकता है कि गुझिया खाते समय दोनों ने फ्लाइट डेक के सेंटर कंसोल के ऊपर कोल्ड ड्रिंक का एक कप रखा था। ऐसा करना खतरे से खाली नहीं था।
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वायरल तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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विमान उड़ाने के दौरान होली मनाना स्पाइसजेट के दो पायलटों को भारी पड़ गया है। इसके कारण दोनों को सेवा से हटा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना आठ मार्च की है। जब पूरा देश रंगो के त्योहार में डूबा हुआ था। उसी दौरान को दिल्ली से गुवाहाटी जाने वाली स्पाइसजेट की उड़ान में भी दो पायलटों ने विमान ऑपरेट करने के दौरान गुझिया खाई थी।

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मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसकी एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर वायरल हुई है। इसमें देखा जा सकता है कि गुझिया खाते समय दोनों ने फ्लाइट डेक के सेंटर कंसोल के ऊपर कोल्ड ड्रिंक का एक कप रखा था। ऐसा करना खतरे से खाली नहीं था। कहा जा रहा है कि अगर गिलास तनिक भी छलक जाता तो विमान की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती थी। 

इस मामले में रिपोर्ट्स आने के बाद स्पाइसजेट के एक प्रवक्ता ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों पायलटों को इस बात की जांच के लिए रोस्टर से हटा दिया गया था कि क्या उन्होंने उड़ान को खतरे में डाला था। उन्होंने आगे कहा कि जब तक यह जांच पूरी नहीं हो जाती दोनों निलंबित ही रहेंगे। स्पाइसजेट की कॉकपिट के अंदर भोजन की खपत के लिए एक सख्त नीति है, जिसका सभी फ्लाइट क्रू द्वारा पालन किया जाता है। जांच पूरी होने पर उचित अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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गौरतलब है कि कई ट्विटर यूजर्स ने यह फोटो नागरिक उड्डयन महानिदेशालय और केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को टैग करके अपनी प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा कि भयावह और बेहद गैर-पेशेवर व्यवहार। वहीं, इसके बाद केंद्रीय उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने स्पाइसजेट से पायलटों की पहचान करने और कार्रवाई करने को कहा था। जिसपर एयरलाइन कंपनी ने यह कदम उठाया। 

डिजियात्रा पर सरकार ने कही यह बात
नागर विमानन मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि डिजियात्रा पहल के तहत हवाई यात्रियों के आंकड़े उनके अपने उपकरणों में रखे (सेव) जाते हैं और इन सूचनाओं को किसी एक जगह जमा नहीं किया जाता है। डिजियात्रा एक बायोमीट्रिक बोर्डिंग प्रणाली है, जो हवाई अड्डों पर यात्रियों को परेशानी मुक्त अनुभव देने के लिए चेहरे की पहचान तकनीक का इस्तेमाल करती है।

बयान में कहा गया कि यात्रियों के सभी आंकडों को एन्क्रिप्ट किया गया है और उनके स्मार्टफोन के वॉलेट में संग्रहीत किया गया है। इसे केवल यात्री और यात्रा के मूल हवाई अड्डे के बीच साझा किया जाता है, जहां यात्री की डिजियात्रा आईडी को सत्यापित करने की जरूरत होती है। मंत्रालय ने यह भी कहा कि उड़ान के प्रस्थान के 24 घंटे के भीतर हवाई अड्डे की प्रणाली से आंकड़ों को मिटा दिया जाता है। पहले चरण में तीन हवाई अड्डों - दिल्ली, बेंगलुरु और वाराणसी में डिजियात्रा सुविधा शुरू की गई है।

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