प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने करोड़ों रुपये के मवेशी तस्करी घोटाले में गिरफ्तार तृणमूल कांग्रेस नेता अनुब्रत मंडल को पहले ही गिरफ्तार कर लिया है, वहीं अब ईडी ने उनकी बेटी सुकन्या उनके ड्राइवर और लाभपुर कॉलेज के एक गैर-शिक्षण कर्मचारी को तलब किया है। इसकी जानकारी एजेंसी ने गुरुवार को दी।
उन्होंने कहा कि तीनों को 20 मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवर्तन निदेशालय के कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया था। सुकन्या को बुधवार को ईडी के सामने पेश होने के लिए कहा गया था, लेकिन वह इसमें शामिल नहीं हुईं। उसने ईडी के कार्यालय को एक मेल भेजकर पेश होने के लिए समय मांगा था।
जांच निकाय ने तृणमूल कांग्रेस छात्र परिषद के नेता कृपामय घोष को बुधवार रात दिल्ली में पेश होने के लिए समन भेजा था, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। कृपामय घोष को टीएमसी बीरभूम के अध्यक्ष मंडल के साथ शक्तिगढ़ के एक रेस्तरां में बैठे देखा गया था, जब गिरफ्तार नेता को नई दिल्ली भेजे जाने से पहले फिटनेस परीक्षण के लिए आसनसोल सुधार गृह से जोका के ईएसआई अस्पताल में ले जाया जा रहा था।
ईडी के अधिकारियों ने कहा कि चालक तुफान मिड्डा, गैर-शिक्षण कर्मचारी विजय रजक और छात्र परिषद के नेता घोष के बैंक खातों का कथित रूप से धन प्राप्त करने और स्थानांतरित करने के लिए इस्तेमाल किया गया था। आगे कहा कि ऐसा लगता है कि घोटाले में जुटाया गया पैसा इन लोगों के बैंक खातों के जरिये स्थानांतरित किया गया।
कई घंटों की पूछताछ के बाद जांच एजेंसी ने मंगलवार को मंडल के चार्टर्ड अकाउंटेंट मनीष कोठारी को घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार कर लिया। मंडल को अगस्त 2022 में पशु तस्करी मामले में सीबीआई ने हिरासत में लिया था। उसे ईडी ने पिछले साल नवंबर में गिरफ्तार किया था और घोटाले की जांच के लिए नई दिल्ली ले गई थी। वह फिलहाल तिहाड़ जेल में बंद है।
पिछले साल अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया था
ईडी ने पिछले साल नवंबर में टीएमसी नेता अनुब्रत मंडल को गिरफ्तार किया था। सीबीआई ने मवेशी तस्करी मामले में अगस्त 2022 में उन्हें हिरासत में लिया था। उनके वकील ने एक याचिका में दावा किया था कि मंडल को जिस आदेश के आधार पर दिल्ली ले जाए जाना है, वह आसनसोल में विशेष सीबीआई अदालत नहीं दे सकती।