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Smoking: शोधकर्ताओं का दावा- धूम्रपान से सिकुड़ता है मस्तिष्क, नियंत्रण संभव, पढ़ें पूरी रिपोर्ट

Thu, 14 Dec 2023 04:58 AM IST
जलज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ग्लोबल ओपन साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, धूम्रपान छोड़ने से मस्तिष्क के ऊतकों (कोशिकाओं के समूह) को और अधिक नुकसान की भरपाई हो सकती है, लेकिन इससे मस्तिष्क अपने मूल आकार में वापस नहीं आएगा।
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Smoking - फोटो : Pixabay
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विस्तार
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धूम्रपान करने से हमारा मस्तिष्क हमेशा के लिए सिकुड़ जाता है। समय रहते इसे अधिक नुकसान होने से बचाया जा सकता है, लेकिन इसे मूल स्थिति में वापस नहीं लाया जा सकता है। हाल ही में किए गए एक अध्ययन में शोधकर्ताओं ने दावा किया कि धूम्रपान न केवल दिल और फेफड़ों को प्रभावित करता है, बल्कि यह मस्तिष्क को भी स्थायी रूप से सिकोड़ सकता है। हमारे जीन की भी इसमें अहम भूमिका होती है।
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बायोलॉजिकल साइकिएट्री
ग्लोबल ओपन साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित अध्ययन के मुताबिक, धूम्रपान छोड़ने से मस्तिष्क के ऊतकों (कोशिकाओं के समूह) को और अधिक नुकसान की भरपाई हो सकती है, लेकिन इससे मस्तिष्क अपने मूल आकार में वापस नहीं आएगा। अध्ययन में यह भी बताया गया है कि धूम्रपान करने वालों में तेजी से याददाश्त कम होना और अल्जाइमर रोग का खतरा अधिक रहता है। सेंट लुइस में वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के शोधकर्ताओं ने कहा, चूंकि उम्र के साथ लोगों के मस्तिष्क का आकार स्वाभाविक रूप से कम हो जाता है। धूम्रपान प्रभावी रूप से मस्तिष्क को समय से पहले बूढ़ा कर देता है। 32,094 लोगों के मस्तिष्क का अध्ययन किया गया। 

आनुवांशिक जोखिम के बीच मिला संबंध
शोधकर्ताओं ने धूम्रपान के इतिहास और धूम्रपान के लिए मस्तिष्क के हिस्से के आनुवांशिक जोखिम के बीच एक संबंध पाया। इसके अलावा धूम्रपान और मस्तिष्क की मात्रा के बीच संबंध खुराक पर निर्भर करता है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति प्रतिदिन जितना अधिक धूम्रपान करता है, उसके मस्तिष्क का आयतन उतना ही कम हो जाता है।
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ई-सिगरेट के अधिक इस्तेमाल से हो सकते हैं नशे के लत
लंबे तक ई-सिगरेट के इस्तेमाल से कोकीन और निकोटिन जैसे नशे की लत लग सकती है। युवाओं में ई-सिगरेट के बढ़ते इस्तेमाल पर विशेषज्ञों ने चिंता जताई। विशेषज्ञों ने कहा, इन उपकरणों में लगभग 900-2,000 रसायन होते हैं। ये फेफड़ों में गहराई तक प्रवेश कर सकते हैं। इससे श्वसन प्रणाली को हानिकारक नुकसान होता है। गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के अधीक्षक डॉ. अभिजीत सरमा ने कहा, नए जमाने के इन तंबाकू उपकरणों के आदी होने से नई पीढ़ी के स्वास्थ्य पर खतरा मंडरा रहा है। युवा पीढ़ी को बचाने के लिए कार्रवाई करने की जरूरत है।
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