ओड़िशा के कटक जिले के सरकारी एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल से एक नवजात चोरी होने का मामला सामने आया है। पुलिस का दावा है कि बच्चा चोरी करने वाले दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया है। अस्पताल में एक महिला उपचार के लिए भर्ती हुई थी, लेकिन वह डिस्चार्ज के दौरान फर्जी कागजात दिखाकर आईसीयू में भर्ती एक बच्चे को चोरी कर ले गई।
कटक के पुलिस उपायुक्त पिनाक मिश्रा ने बताया कि बच्चा चोरी की घटना सोमवार शाम को हुई और दंपति को मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद महिला ने दावा किया कि उसने एक बच्चे को जन्म दिया है। उसने अपनी बात को साबित करने के लिए अस्पताल का डिस्चार्ज सर्टिफिकेट भी दिखाया। पिनाक मिश्रा और अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि डिस्चार्ज सर्टिफिकेट फर्जी पाया गया। सीसीटीवी फुटेज चेक की गई तो उसमें महिला अस्पताल के आईसीयू से एक नवजात को लेकर बाहर निकलती हुई दिखाई दी।
उन्होंने बताया कि महिला ने आईसीयू में यह कहकर प्रवेश किया कि उसके नवजात का इलाज वहां चल रहा है। अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी अविनाश राउत ने बताया कि पुरी जिले की एक महिला को गुरुवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया था और रविवार को उसने जुड़वां बेटियों को जन्म दिया। चूंकि दो नवजात शिशुओं में से एक को पीलिया से पीड़ित पाया गया था, उसे सोमवार शाम को इलाज के लिए आईसीयू में भर्ती किया गया। आईसीयू से नवजात के चोरी होने के दस मिनट बाद ही अस्पताल की नर्सों ने शोर मचा दिया।
उन्होंने कहा कि महिला द्वारा दिखाए गए डिस्चार्ज सर्टिफिकेट जांच करने पर नकली पाए गए। नवजात चोरी करने वाली महिला से प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती नहीं हुई थी। पुलिस ने बताया कि अस्पताल ने मंगलबाग पुलिस थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई थी और दंपती को गिरफ्तार कर लिया गया था।