नौसेना ने समुद्री डाकुओं के कब्जे से मुक्त कराया ईरानी जहाज।
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अरब सागर में भारतीय नौसेना ने एक बार फिर अपना दम दिखाया है। यहां, भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को अगवा किए गए ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज अल कंबार 786 और उसके चालक दल के 23 पाकिस्तानी नागरिकों को बचा लिया है। करीब 12 घंटे तक चले अभियान के बाद पकड़े गए नौ समुद्री लुटेरों को कानूनी कार्रवाई के लिए भारत लाया जा रहा है। इस दौरान बचाए गए चालक दल के 23 पाकिस्तानियों ने भारत जिंदाबाद के नारे भी लगाए।
नौसेना ने अपने बयान में बताया कि भारतीय नौसेना की विशेषज्ञ टीमों ने मछली पकड़ने वाले जहाज 'अल कंबार 786' को अपने कब्जे में लेकर उसकी जांच पूरी कर ली है। नौसेना के प्रवक्ता ने बताया कि पकड़े गए नौ सोमालियाई लुटेरों के खिलाफ समुद्री डकैती विरोधी अधिनियम, 2022 के तहत कार्रवाई की जाएगी। नौसेना की विशेषज्ञ टीमों ने अल कंबार 786 की स्वच्छता और समुद्री योग्यता जांच पूरी कर ली है। 23 पाकिस्तानी चालक दल की चिकित्सा जांच भी कराई गई है।
बयान में कहा गया है कि भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को समुद्री डकैती रोधी अभियान के तहत ईरानी जहाज पर हुए हमले के खिलाफ अपना अभियान शुरू किया था। करीबन 12 घंटे से अधिक समय तक चले अभियान के बाद अपहृत ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज और उसके चालक दल को बचा लिया था।
28 मार्च को मिला था हमले का इनपुट
इससे पहले नौसेना ने शुक्रवार को बताया था कि आईएनएस सुमेधा ने शुक्रवार तड़के एफवी 'अल कंबर' को रोका। बाद में निर्देशित मिसाइल फ्रिगेट आईएनएस त्रिशूल ने भी अलकंबर पर मौजूद डाकुओं के खिलाफ कार्रवाई की। 28 मार्च की देर शाम ईरानी मछली पकड़ने वाले जहाज 'अल कमर 786' पर संभावित समुद्री डकैती की घटना का इनपुट मिला था। इसके बाद समुद्री सुरक्षा अभियानों के लिए अरब सागर में तैनात दो भारतीय नौसेना जहाजों को अपहृत मछली पकड़ने वाले जहाज को रोकने के लिए डायवर्ट किया गया था। जानकारी मिली थी कि जब ये घटना हुई उस वक्त मछली पकड़ने वाला अपहृत जहाज सोकोट्रा आइसलैंड से लगभग 90 नॉटिकल मील दक्षिण-पश्चिम में था। अधिकारियों ने यह भी कहा कि भारतीय नौसेना क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है, चाहे उनकी राष्ट्रीयता कुछ भी हो।
नौसेना ने पहले भी किए हैं कई सफल अभियान
बीते महीनों में भारतीय नौसेना ने अरब सागर और लाल सागर में कई देशों के जहाजों को बचाने के लिए कार्रवाई की हैं। चालक दलों को सफलतापूर्वक बचाया है।