भारत की उज्जवल सैन्य परंपरा का जिक्र करते हुए वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने देश के सशस्त्र बलों को दुनिया में सबसे शानदार में एक करार दिया। दिल्ली कैंट में सैम मानेकशॉ सेंटर पर आयोजित समारोह में वायुसेना प्रमुख ने कहा कि बदलते समय के साथ भारतीय सशस्त्र बल 'युद्ध के अलग-अलग आयामों' (entire spectrum of warfare) से जुड़ी चुनौतियों का बेहतर ढंग से मुकाबला करने में सक्षम बने हैं।
उन्होंने 8वें सशस्त्र बल पूर्व सैनिक दिवस (8th Armed Forces Veterans Day) पर रविवार को कहा कि सेना के इतिहास में 'निरंतर सुधार के प्रयास' किए गए हैं। दिग्गजों ने अपना सबकुछ कुर्बान करने की भावना के साथ देश की सेवा की है। वायुसेना प्रमुख के मुताबिक देश के पूर्व सैनिकों की कभी हार न मानने की साहसिक भावना (resilient spirit), नेतृत्व और दूरदर्शिता जैसे गुण, आज के सशस्त्र बलों की नींव है। इस कार्यक्रम में नौसेना प्रमुख एडमिरल आर हरि कुमार, तीनों सेनाओं के वरिष्ठ अधिकारी, बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक और उनके परिजन भी शामिल हुए।
अब तक 2.21 लाख से अधिक सैनिक रिटायर
वायुसेना प्रमुख ने अपने संबोधन में कहा, 'हम सभी सहमत होंगे कि भारतीय सशस्त्र बल दुनिया में सर्वश्रेष्ठ में से एक हैं।' उन्होंने कहा कि बदलते समय के साथ युद्ध की सभी चुनौतियों का सामना करने के लिए सुरक्षाबलों ने व्यापक बदलावों को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि वे पूर्व सैनिकों के उत्कृष्ट योगदान को कृतज्ञतापूर्वक स्वीकार करते हैं। उन्होंने कहा, 31 दिसंबर, 2023 तक के आंकड़ों के मुताबिक वायुसेना से 2,21,204 सैनिक रिटायर हो चुके हैं। इस मायने में IAF सबसे युवा यानी केवल 91 वर्ष की है।
IAF दुनिया की सबसे दुर्जेय वायु सेना...
विशेष रूप से भारतीय वायु सेना का जिक्र करते हुए एयरमार्शल वीआर चौधरी ने कहा, लगभग 90 साल पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि शुरुआत बेहद मामूली रही। हालांकि, बीते नौ दशकों में लंबा समय तय करने में भी सफलता मिली है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना का मुकाम ऐसा है, जिसे देखकर बिना किसी हिचकिचाहट के इसे 'दुनिया की सबसे दुर्जेय वायु सेना में से एक' स्वीकार किया जा सकता है।
सर्वोच्च बलिदान देने वाले सपूतों को नमन
वायुसेना प्रमुख के मुताबिक 14 जनवरी के दिन देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले सपूतों को श्रद्धांजलि देने का मौका है। उन्होंने कहा, वायुसेना की संवेदनाएं और प्रार्थनाएं उन लोगों के परिवारों के साथ हैं जिन्होंने कर्तव्य के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिए। उन्होंने कहा कि वेटरंस से संपर्क साधने में काफी मशक्कत करनी पड़ी है। इसके बावजूद कुछ शुरुआती मुद्दे हैं, जिनका जल्द समाधान जरूरी है। वायुसेना प्रमुख ने कहा, 'हम इन मुद्दों को सेवा प्रदाताओं और रक्षा लेखा महानियंत्रक के समक्ष लगातार उठा रहे हैं।'
रिटायरमेंट के बाद पेंशन का पूरा ध्यान, ऑनलाइन सुविधा के लिए SPARSH
एयरचीफ मार्शल ने पूर्व सैनिकों के लिए विकसित वेब-आधारित प्रणाली- SPARSH (System for Pension Administration (Raksha) का जिक्र करते हुए कहा, 1.85 लाख पुराने पेंशनभोगी अब इस सिस्टम का लाभ उठा रहे हैं। इस प्रणाली का विकास पेंशन से जुड़े दावों का त्वरित निपटारा करने के मकसद से किया गया है। इसके तहत किसी बाहरी मध्यस्थ के हस्तक्षेप के बगैर सीधे बैंक खातों में पेंशन का भुगतान किया जा रहा है।