फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

7वां एआईएनईटी अंतरराष्ट्रीय ईएलटी सम्मेलन: नानी महंत बोले- भूपेन हजारिका के गीतों में वेदों-उपनिषदों का सार

Mon, 05 Feb 2024 04:16 PM IST
निर्मल कांत एन. अर्जुन, गुवाहाटी

सार

7th AINET International ELT Conference: गौहाटी विश्वविद्यालय में अंग्रेजी भाषा शिक्षण विभाग के सहयोग से आयोजित 7वें एआईएनईटी अंतरराष्ट्रीय ईएलटी सम्मेलन का रविवार को समापन हुआ। इसमें देश-दुनिया के अंग्रेजी के शिक्षकों और प्रशिक्षकों ने भाग लिया। 
विज्ञापन
गौहाटी विश्वविद्यालय में सातवां एआईएनईटी अंतरराष्ट्रीय ईएलटी सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गौहाटी विश्वविद्यालय में आयोजित सातवें एआईएनईटी अंतरराष्ट्रीय ईएलटी सम्मेलन का रविवार की देर शाम समापन हुआ। इस दो दिवसीय सम्मेलन को विश्वविद्यालय के अंग्रेजी भाषा शिक्षण विभाग की ओर से आयोजित किया गया था। इस मौके पर असम सरकार के शिक्षा सलाहकार प्रोफेसर नानी गोपाल महंत ने कहा कि सांस्कृतिक और भाषाई रूप से विविध भारत जैसे देश में लोग कई भाषाएं बोलते हैं। लेकिन, अंग्रेजी वह भाषा है जो सभी लोगों को एक साथ लाती है। 

विज्ञापन

सम्मेलन में करीब 150 शिक्षकों-प्रशिक्षकों ने लिया भाग
कार्यक्रम में अंग्रेजी भाषा के करीब 150  शिक्षकों, प्रशिक्षकों और भारत व बांग्लादेश के लोगों ने भाग लिया। इसके अलावा, ब्रिटिश काउंसिल के अंग्रेजी कार्यक्रम की दक्षिण और पूर्व एशिया की निदेशक सारा रोजर्सन, नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास की क्षेत्रीय भाषा अधिकारी मीका रिचर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान गौहाटी विश्वविद्यालय के ईएलटी विभाग की प्रमुख और एआईएनईटी की अध्यक्ष प्रो.पद्मिनी बरूआ और अंग्रेजी शिक्षकों के एआईएनईटी एसोसिएशन के सचिव नदीम खान भी मौजूद रहे।

अंग्रेजी में बातचीत में बाधा न बने उच्चारण और व्याकरण: प्रोफेसर महंत
इस मौके पर प्रोफेसर महंत ने विश्वविद्यालय के गीत के संगीतकार भारत रत्न भूपेन हजारिका को याद किया और कहा कि यह गीत वेदों और उपनिषदों का सार है। यह शिक्षा के जरिए ज्ञान की बात करता है। उन्होंने कहा, "उत्तर-पूर्वी राज्यों में अंग्रेजी संचार की भाषा है, क्योंकि इसमें प्रवाह की सटीकता ज्यादा महत्वपूर्ण है।" महंत ने गौहाटी विश्वविद्यालय के ईएलटी विभाग से राज्य में बड़े  पैमाने पर शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का आह्वान किया। उन्होंने विभाग से अपील की कि वह अंग्रेजी के शिक्षकों के नवाचार, समावेश और सशक्तिकरण के लिए विभिन्न तरीके ढूंढे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उच्चारण और व्याकरण अंग्रेजी में संचार के लिए बाधा नहीं बनने चाहिए।

गौहाटी विश्वविद्यालय में सातवां एआईएनईटी अंतरराष्ट्रीय ईएलटी सम्मेलन - फोटो : अमर उजाला।
दक्षिण एशिया में अंग्रेजी का केंद्र बन रहा भारत: सारा रोजर्सन
वहीं, ब्रिटिश काउंसिल की सारा रोजर्सन ने कहा, "इस तरह के सम्मेलन शिक्षकों में सकारात्मक बदलाव लाते हैं।" उन्होंने अपनी दो पुस्तकों 'द फ्यूचर ऑफ इंग्लिश' और 'इंग्लिश नेक्स्ट' भारत में अंग्रेजी की भूमिका और स्थिति पर डेविड ग्रेडोल (ब्रिटिश भाषाविद्) की भविष्यवाणियों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत भौगोलिक रूप से विविधताओं वाला देश है। लेकिन, यह दक्षिण एशिया में अंग्रेजी का केंद्र बनता जा रहा है, क्योंकि अंग्रेजी एक वैश्विक भाषा है। उन्होंने भारत की नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति का भी जिक्र किया।

भारतीय संस्कृति और प्रौद्योगिकी पर होता है गर्व: मीका रिचर
अमेरिकी दूतावास की मीका रिचर ने अपने संबोधन में कहा, "अंग्रेजी केवल नौकरी ढूंढने के लिए नहीं, बल्कि विश्व स्तर पर जानकारी साझा करने की एक भाषा है।" उन्होंने अंग्रेजी के शिक्षकों से अमेरिकी अंग्रेजी वेबसाइट पर उपलब्ध सामग्री का इस्तेमाल करने की अपील की। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय संस्कृति और भारतीय प्रौद्योगिकी के बारे में जानकर गर्व महसूस हो रहा है। उन्होंने अन्य प्रतिनिधियों से उन चीजों के बारे में पता लगाने का आह्वान किया, जिनको भारत को पेश करना है।
विज्ञापन

कार्यक्रम में ये गणमान्य व्यक्ति भी हुए शामिल
सम्मेलन में अन्य प्रतिभागियों में दिल्ली के बीआर अंबेडकर विश्वविद्यालय के अंग्रेजी भाषा शिक्षा केंद्र के निदेशक अमोल पडवाड़, डॉ. कृष्णा दीक्षित, इग्नस समूह के सुबीर शुक्ला, अहमदाबाद विश्वविद्यालय के डॉ. लेया मैथ्यू, हैदराबाद विश्वविद्यालय के अंग्रेजी और विदेश भाषा विभाग की प्रोफेसर लीना मुखोपाध्याय, नई दिल्ली में अमेरिकी दूतावास की श्वेता खन्ना, कोलकाता में अमेरिकी महावाणिज्य दूत की एश्वर्या मंडल, ब्रिटिश काउंसिल की प्रिया अय्यर आदि मौजूद थे। इस मौके पर प्रोफेसर पद्मिनी बरूआ ने इस बात पर प्रकाश डाला कि सम्मेलन का मुख्य फोकस देश की बहुभाषी संस्कृति के भीतर उच्च गुणवत्ता वाली अंग्रेजी भाषा का शिक्षण है।एआईएनईटी के राष्ट्रीय सचिव नदीम खान ने आए हुए मेहमानों का धन्यवाद किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें