आए दिन अंतरिक्ष को लेकर कई तरह की खबरें आती रहती हैं। लेकिन अधिकतर खबरें खोजकर्ताओं और शोधकर्ताओं से जुड़ी होती हैं। जिसमें अंतरिक्ष में भेजी गई सैटेलाइट और वहां हुई नई खोजों के बारे में बताया होता है। आज हम आपको अंतरिक्ष से जुड़ी कुछ ऐसी घटनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं, जिनके बारे में आप बिल्कुल नहीं जानते होंगे।
अंतरिक्ष में जाने के छह महीने बाद अंतरिक्ष यात्रियों का कद बढ़ जाता है। उनका कद उनकी वास्तविक ऊंचाई से तीन फीसदी अधिक हो जाता है। यह सब इसलिए होता है क्योंकि अंतरिक्ष में जाने के बाद उनपर पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण का कोई प्रभाव नहीं पड़ता। लेकिन ऐसा लंबे समय तक नहीं रहता। धरती पर आने के कुछ महीनों बाद उनका कद पहले की तरह ही सामान्य हो जाता है।
अमूमन जब हम पानी उबालते हैं तो उसमें बहुत से बुलबुले बनते हैं। लेकिन अंतरिक्ष में ऐसा नहीं होता। वहां पानी गर्म करने पर एक बड़ा सा बुलबुला बनता है। इसकी वजह भी गुरुत्वाकर्षण ही है।
कीटाणुओं पर 30 सालों तक हुए अध्ययन से पता चला है कि धरती के मुकाबले अंतरिक्ष में कीटाणु अधिक तेजी से फैलते हैं और अधिक खतरनाक भी होते हैं।
अंतरिक्ष में सोडा पीना खतरनाक हो सकता है। यहां सोडा पचाने में परेशानी आती है। इसकी वजह भी गुरुत्वाकर्षण है। इसी कारण से ऑस्ट्रेलिया में स्पेस बीयर पर प्रयोग किए जा रहे हैं।
अंतरिक्ष में फूलों की खुशबू प्रभावित होती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि यहां के तापमान, आद्रता और कई कारकों की वजह से पैधे से पैदा होने वाला तैलीय पदार्थ प्रभावित होता है। इसका असर खुशबू पर पड़ता है। जापान की एक कंपनी अब इसी खुशबू वाले परफ्यूम को बनाने पर प्रोयग कर रही है।
अंतरिक्ष में पसीने को लेकर भी एक बड़ी परेशानी है। यहां गुरुत्वाकर्षण नहीं होता इसलिए पसीना आता तो है लेकिन न सूखता है और न टपकता है। अंतरिक्ष में पसीना जहां होता है, वहीं रहता है।