5 अगस्त: दो साल, दो बड़े फैसले; एक ने अलगाववाद की हवा निकाली, दूसरे फैसले ने राम मंदिर की नींव रखी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली।
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Thu, 05 Aug 2021 01:31 PM IST
सार
आज की तारीख यानी 5 अगस्त को भारत के इतिहास का अहम दिन माना जाने लगा है। इस दिन की अहमियत पिछले दो सालों में ही सामने आई है। 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाकर और 2020 में राम मंदिर के भूमिपूजन के बाद यह दिन इतिहास में दर्ज हो गया।
अब कश्मीर में जगह-जगह तिरंगा फहराया जा रहा है। सरकारी भवनों से लेकर सहरद तक लहराता तिरंगा पाकिस्तान समेत दुनिया को संदेश दे रहा है। पहले यहां तिरंगा उठाने से लोग घबराते थे।
- फोटो : Amar Ujala
पिछले दो साल से पांच अगस्त की तारीख ऐतिहासिक फैसलों की साक्षी रही है। सबसे पहले 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया। इस फैसले ने घाटी में अलगाववाद की हवा निकाल दी। पाकिस्तान के इशारे पर निकलने वाले देश विरोधी सुर काफी हद तक बंद हो गए। आए दिन सुर्खियों में रहने वाले पत्थरबाज भी कहीं गायब हो गए।
इसके एक साल बाद यानी 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का भूमिपूजन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर की नींव रखी। सूत्रों की मानें, तो वर्ष 2023 के अंत तक मंदिर के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे।
अब कश्मीर में जगह-जगह तिरंगा फहराया जा रहा है। सरकारी भवनों से लेकर सहरद तक लहराता तिरंगा पाकिस्तान समेत दुनिया को संदेश दे रहा है। पहले यहां तिरंगा उठाने से लोग घबराते थे।
- फोटो : Amar Ujala
पिछले दो साल से पांच अगस्त की तारीख ऐतिहासिक फैसलों की साक्षी रही है। सबसे पहले 5 अगस्त 2019 को केंद्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर उसे दो केंद्रशासित प्रदेशों में बांट दिया। इस फैसले ने घाटी में अलगाववाद की हवा निकाल दी। पाकिस्तान के इशारे पर निकलने वाले देश विरोधी सुर काफी हद तक बंद हो गए। आए दिन सुर्खियों में रहने वाले पत्थरबाज भी कहीं गायब हो गए।
इसके एक साल बाद यानी 5 अगस्त 2020 को अयोध्या में भव्य राम मंदिर का भूमिपूजन किया गया। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर की नींव रखी। सूत्रों की मानें, तो वर्ष 2023 के अंत तक मंदिर के दरवाजे आम लोगों के लिए खोल दिए जाएंगे।
पहले जानतें हैं कि अनुच्छेद-370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर में क्या-क्या बदला?
1. कश्मीर में जगह-जगह तिरंगा फहरा रहा
सबसे बड़ा बदलाव यह आया कि अब कश्मीर में जगह-जगह तिरंगा फहराया जा रहा है। सरकारी भवनों से लेकर सहरद तक लहराता तिरंगा पाकिस्तान समेत दुनिया को संदेश दे रहा है। राष्ट्रीय पर्व पर गांव-गांव तिरंगा फहरने के साथ राष्ट्रगान गाया जाने लगा। पहले यहां तिरंगा उठाने से लोग घबराते थे।
2. अब पाकिस्तान परस्ती की आवाज नहीं उठती
पांच अगस्त 2019 के बाद हुर्रियत की ओर से कश्मीर के किसी कोने से पाकिस्तान परस्ती की आवाज नहीं उठी। हवा के बदले रुख को भांप अलगाववादी खेमे सैयद अली शाह गिलानी और मीरवाइज उमर फारूक की ओर से भी बंद का आह्वान नहीं किया गया। कुछ मौकों पर अलगाववादियों की ओर से बंद के पोस्टर चस्पा किए गए, लेकिन आम कश्मीरियों ने इसे कोई तवज्जो नहीं दी। युवाओं का अब पूरा ध्यान अपने करिअर पर है।
3. पाकिस्तान के इशारे पर काम करने वालों पर शिकंजा
बदलावों के बीच ही सरकार ने पाकिस्तान परस्त लोगों पर जबर्दस्त शिकंजा कसा। अलगाववादियों, आतंकवादियों से साठगांठ और पाकिस्तान के इशारे पर काम करने वाले सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त करना शुरू किया। इसी कड़ी में हिजबुल मुजाहिदीन सरगना सैयद सलाहुद्दीन के दो बेटों की सरकारी सेवा समाप्त कर दी गई। हिजबुल आतंकी के साथ गिरफ्तार डीएसपी दविंदर सिंह को भी बर्खास्त कर दिया गया।
4. आतंकियों का सफाया हो रहा
अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से लगभग हर दिन आतंकियों के लिए काल साबित हो रहा है। पिछले दो वर्षों में घाटी में 130 टॉप कमांडरों समेत 459 आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को सफलता प्राप्त हुई है। सुरक्षाबलों की सख्ती से 149 आतंकियों ने या तो सरेंडर किया है या वे जिंदा पकडे़ गए हैं।
5. पाकिस्तान की बौखलाहट भी जवाब दे गई
अनुच्छेद-370 हटने के बाद पाकिस्तान इतना बौखला गया कि सरहद पर हर रोज सीजफायर तोड़ने लगा। हालांकि, पाकिस्तान की यह हिमाकत डेढ़ साल में ही हांफ गई। पड़ोसी मुल्क की बौखलाहट का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2018 में पाकिस्तान ने सीमा पर 1800 बार गोलाबारी की। अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटा तो पाकिस्तान ने सीजफायर को बड़े स्तर पर तोड़ा।
2019 में सरहद पर 3200 बार गोलाबारी की गई। इसमें से अगस्त 2019 से लेकर 31 दिसंबर 2019 तक ही 1400 बार सीजफायर का उल्लंघन किया गया। यही नहीं अगले साल 2020 में पाकिस्तान ने सारी हदें तोड़ दीं, 5100 साल बार गोलाबारी की गई।
अब बात करते हैं अयोध्या में बन रहे राम मंदिर की
वर्षों से मंदिर-मस्जिद के विवाद में उलझे मामले में सुप्रीम कोर्ट ने 9 नवंबर 2019 को श्रीराम जन्मभूमि के पक्ष में फैसला सुनाया। इसके बाद 5 अगस्त को प्रधानमंत्री ने मंदिर का भूमि-पूजन कर मंदिर निर्माण की नींव रखी। इसकी पहली वर्षगांठ पर मंदिर को लेकर चल रही तैयारी जमीन पर नजर आने लगी है। मंदिर के नींव की 24 लेयर तैयार हो गई हैं और 25वीं पर काम चल रहा है।
योगी बोले- आज एक और इतिहास बन गया
इस बीच योगी ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम को ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने की बधाई देते हुए कहा कि 5 अगस्त के ऐतिहासिक दिन एक और इतिहास बन गया। उन्होंने ट्वीट किया कि आज टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने ऐतिहासिक प्रदर्शन कर कांस्य पदक जीता है। आज की सफलता ने भारतीय हॉकी के इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय को जोड़ा है। 'टीम इंडिया' की इस अविस्मरणीय उपलब्धि पर पूरे देश को गर्व है। हार्दिक बधाई 'टीम इंडिया'। जय हिन्द!