वाजा का कहना है कि उन्होंने जेल में और कैदी नहीं रखने का फैसला किया है। पहले यहां 7 कैदी थे जिसमें 2 महिलाएं थीं। इनमें से 4 को दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। दो की सजा पूरी हो चुकी थी और उन्हें जेल से रिहा भी कर दिया गया। लेकिन बाद में कांजी दिसंबर में दोबारा गिरफ्तार हो गया। उसने अपनी पत्नी को जहर देने की कोशिश की थी।
उसे अभी दूसरी जेल में इसलिए नहीं भेजा जा सकता क्योंकि दीव सेशंस कोर्ट में उसकी सुनवाई चल रही है। जब तक उसकी सुनवाई पूरी नहीं हो जाती तब तक उसे इसी जेल में रखा जाएगा। यदि उस पर लगे आरोप सच साबित होते हैं तो उसे दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया जाएगा।
जेल का आखिरी कैदी कांजी टीवी पर दूरदर्शन और आध्यात्मिक चैनल देखता है। वह गुजराती अखबार और पत्रिकाओं को भी पढ़ता है। गार्ड के साथ टहलते वक्त कांजी अपने मामले की सुनवाई और भविष्य पर चर्चा करता है।