इन कामों से मुक्त कराए गए बच्चों के संरक्षण की बात किसी कानून में नहीं थी लेकिन विधेयक में मानव तस्करी से निपटने के लिए ऐसे मामलों को समयबद्ध अवधि में निपटाया जाएगा। इसमें 30 दिन के भीतर अंतरिम सहायता और चार्जशीट दाखिल होने के बाद 60 कार्य दिवस के भीतर जरूरी सहायता दी जाएगी।
आजीवन कारावास तक का प्रावधान
दोषी पाए जाने 10 साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकेगी। इसके अलावा एकमुश्त रकम का जुर्माना भी लगेगा। पीड़ित को एक साल के भीतर मुख्यधारा से जोड़ने के लिए काउंसिलिंग की व्यवस्था होगी। इतना नहीं इसमें पीड़ितों के लिए पुनर्वास फंड अलग से बनाने का भी प्रावधान किया गया है।