भारतीय वायुसेना ने सीडीएस जनरल बिपिन रावत के निधन की पुष्टि कर दी है। हादसे में उनकी पत्नी मधुलिका रावत की भी मृत्यु हो गई। तमिलनाडु के कुन्नूर में उनका हेलीकॉप्टर हादसे का शिकार हो गया था। इस हेलीकॉप्टर में जनरल रावत, उनकी पत्नी मधुलिका सहित कुल 14 लोग सवार थे। सभी के पार्थिव शरीर कल शाम तक दिल्ली पहुंचाए जाएंगे।
वायुसेना ने की पुष्टि
वायुसेना ने ट्वीट कर कहा कि हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 सैन्यकर्मियों की मौत हो गई है।
शुक्रवार को होगा अंतिम संस्कार
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और उनकी पत्नी का अंतिम संस्कार शुक्रवार (10 दिसंबर) को दिल्ली छावनी में किया जाएगा। उनके पार्थिव शरीर के कल शाम तक एक सैन्य विमान से राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने की उम्मीद है। शवों को शुक्रवार को उनके घर लाया जाएगा और लोगों को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक अंतिम सम्मान देने की अनुमति दी जाएगी। इसके बाद एक अंतिम संस्कार जुलूस निकाला जाएगा, जो कामराज मार्ग से दिल्ली छावनी में बरार स्क्वायर श्मशान तक जाएगा।
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बाएं से दाएं - सीडीएस बिपिन रावत और मधुलिका रावत, ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर, लांसनायक बीएस तेजा, नायक गुरुसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, ले. कर्नल हरजिंदर सिंह, लांसनायक विवेक कुमार, हवलदार सतपाल राज)
इसके अलावा हादसे में वायुसेना के चार अफसरों का निधन हुआ है। इनके नाम हैं- विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान, स्क्वाड्रन लीडर के सिंह, जेडब्ल्यूओ राणा प्रताप दास, जेडब्ल्यूओ प्रदीप ए।
राजनाथ ने जताया दुख
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी सीडीएस रावत के निधन पर शोक जताया। उन्होंने ट्वीट किया, तमिलनाडु में हेलीकॉप्टर हादसे में सीडीएस रावत और उनकी पत्नी व 11 अन्य अधिकारियों के निधन से बेहद दुखी हूं। उनका असमय निधन देश के लिए एक अपूरणीय क्षति है।
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का चल रहा इलाज
इस हादसे में सिर्फ ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ही जीवित बचे हैं। उन्हें वेलिंगटन सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हेलीकॉप्टर में कुल 14 लोग सवार थे। विंग कमांडर पृथ्वी सिंह चौहान Mi-17V5 के पायलट थे जो CDS जनरल बिपिन रावत सहित 14 लोगों के साथ दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। वह 109 हेलीकॉप्टर यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर थे।
सुलुर वायुसेना स्टेशन से भरी थी उड़ान
जनरल बिपिन रावत को ले जा रहा भारतीय वायुसेना का एक हेलिकॉप्टर बुधवार को तमिलनाडु के कुन्नूर के निकट दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि कोहरे और खराब मौसम की वजह से वायुसेना का Mi-17V5 हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे के कारण का पता लगाने के लिए 'कोर्ट ऑफ इंक्वायरी' के आदेश दिए गए हैं। हेलीकॉप्टर ने कोयंबटूर के पास सुलुर वायुसेना अड्डे से उड़ान भरी थी।
सबसे सुरक्षित हेलीकॉप्टरों में से एक
भारतीय सेना का Mi-17V5 सबसे सुरक्षित हेलीकॉप्टरों में से एक है। किसी भी वीवीआईपी दौरे में इसी विमान का उपयोग किया जाता है। यह डबल इंजन का हेलीकॉप्टर है, जिससे एक इंजन में खराबी आने पर दूसरे इंजन के सहारे सुरक्षित लैंडिंग कराई जा सके। इस हेलीकॉप्टर की तुलना चिनूक हेलीकॉप्टर से की जाती है।
डिफेंस सर्विसेज कॉलेज जा रहे थे जनरल रावत
सीडीएस जनरल रावत वेलिंग्टन में डिफेंस सर्विसेज कॉलेज जा रहे थे। कुछ वरिष्ठ अधिकारियों को लेकर हेलीकॉप्टर कोयंबटूर के सुलुर से वेलिंग्टन में डीएससी की ओर जा रहा था, जहां जनरल रावत, थल सेनाध्यक्ष एमएम नरवणे के साथ बाद में एक कार्यक्रम में भाग लेने वाले थे।