इसके बाद परिवार की जिम्मेदारी मां बालो देवी के कंधों पर आ गई। उन्होंने मेहनत-मजदूरी कर बेटी का पालन-पोषण किया और उसकी पढ़ाई जारी रखी। आर्थिक परेशानियां भी बेटी के सपनों के आगे दीवार नहीं बन सकीं। नीतू को बचपन से ही खेलों में विशेष रुचि थी। दौड़ में उनकी प्रतिभा को परिवार और शिक्षकों ने पहचाना। उन्होंने खेल को केवल शौक तक सीमित नहीं रखा, बल्कि लगातार अभ्यास और मेहनत को दिनचर्या का हिस्सा बनाया। धीरे-धीरे उनकी प्रतिभा निखरती गई और प्रतियोगिताओं में उनका प्रदर्शन बेहतर होता गया। नेपाल में 100 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी मेहनत को बड़ी उपलब्धि में बदल दिया। नीतू ने कल्हेल विद्यालय से जमा दो की कक्षा उत्तीर्ण की है। इन दिनों वह बिहार अकादमी में प्रशिक्षण ले रही हैं। वहां वह दौड़ की तकनीक, गति और फिटनेस पर लगातार मेहनत कर रही हैं। उनका लक्ष्य खेल के क्षेत्र में आगे बढ़कर देश और प्रदेश का नाम रोशन करना है।
ऊंची कूद में रिद्धि कौशल का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन
दून वैली पब्लिक स्कूल नालागढ़ के विद्यार्थियों ने हरियाणा के कैथल स्थित आरकेएसडी पब्लिक स्कूल में आयोजित सीबीएसई क्लस्टर एथलेटिक्स मीट में कई पदक जीते। प्रतियोगिता में हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और चंडीगढ़ के 50 से अधिक सीबीएसई से संबद्ध विद्यालयों के खिलाड़ियों ने भाग लिया। रिद्धि कौशल ने अंडर-19 वर्ग की हाई जंप स्पर्धा में स्वर्ण पदक और 400 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया। उनके प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन अक्तूबर में पटियाला में होने वाली सीबीएसई राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता के लिए भी हुआ है। अंडर-19 वर्ग में जीनल चंदेल ने ट्रिपल जंप में कांस्य पदक पाया। अंडर-17 वर्ग में प्रभनूर सैणी ने ट्रिपल जंप में कांस्य पदक जीता। अंडर-19 चार गुणा 400 मीटर रिले में रिद्धि कौशल, जीनल चंदेल, अरुणिमा ठाकुर, अमोधनी और दिव्या ठाकुर ने कांस्य पदक जीता। विद्यालय के प्रबंध निदेशक राजीव शर्मा और प्रधानाचार्य सुनील गंगटा ने सभी पदक विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी।