ऊना। जिला में करीब एक हजार हेक्टेयर में उगाई जा रही मक्की की अगेती फसल पर सुंडी की मार पड़ने लगी है। इस समय मक्की का बीच अंकुरित होकर जमीन से बाहर आ चुका है। इस बीच छोटे-छोटे पौधों को सुंडी ने खाना शुरू कर दिया है। फसल के शुरुआती समय में ही सुंडी के हमले ने किसानों को चिंता में डाल दिया है।
किसान इस समस्या से निजात पाने के लिए लिए जरूरी दवाइयों की स्प्रे भी कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पिछले साल भी कीड़े और सुंडी की मार से फसल पूरी तरह खराब हो गई थी और इस बार भी सुंडी ने हमला कर दिया है, जो फसल के लिए अच्छे संकेत नहीं हैं। जिले में सिंचाई सुविधा वाले क्षेत्रों में किसान इस समय मक्की की बिजाई कर चुके हैं। बीज अंकुरित हो चुके हैं और पौधे जमीन से बाहर आ चुके हैं। भीषण गर्मी के बीच किसान हर तीसरे दिन फसल की सिंचाई कर रहे हैं। अब फसल पर कीड़े की मार ने किसानों की चुनौती को बढ़ा दिया है।
पंडोगा गांव के किसान प्रेम चंद और तरसेम लाल का कहना है कि उन्होंने करीब पांच कनाल में मक्की की फसल उगाई है। अभी बिजाई को दो सप्ताह ही बीते हैं कि सुंडी ने फसल पर हमला बोल दिया। कहा कि उन्होंने फसल पर जरूरी दवाइयों की स्प्रे की है। कहा कि अगर इन दवाइयों के छिड़काव से कीटनाशकों से निजात नहीं मिल पाई तो फसल खराब होने की कगार पर पहुंच जाएगी। उधर, जिला कृषि अधिकारी रमेश लाल ने बताया कि जिला में मक्की की अगेती फसल पर सुंडी के हमले को लेकर निरीक्षण किया जाएगा। कहा कि मुआयने के बाद किसानों के हित में जरूरी कदम उठाए जाएंगे।