ऊना। किसान का बेटा विशाल भारद्वाज पांचवीं और ट्रक चालक का बेटा सुरेंद्र सिंह देहल चौथी बार प्रो कबड्डी में अपना दमखम दिखाएंगे। जिले के लोअर देहलां गांव से संबंध रखने वाले विशाल भारद्वाज के हुनर को सीजन आठ में 60 लाख रुपये मिले हैं। वहीं, अप्पर देहलां गांव के सुरेंद्र सिंह को 55 लाख रुपये में खरीदा है।
इस सीजन में विशाल पुनेरी पल्टन टीम से तो सुरेंद्र सिंह तेलुगू टाइटंस से अपना दमखम दिखाएंगे। विशाल इससे पहले चार साल तक तेलुगू टाइटंस की तरफ से खेल चुके हैं और सुरेंद्र सिंह यू मुंबा से तीन साल तक अपना हुनर दिखा चुके हैं। दोनों खिलाड़ी अब गांव में ही दिसंबर में होने वाले इस लीग के लिए पसीना बहाएंगे। जानदार डिफेंडर विशाल भारद्वाज ने आठवीं कक्षा से ही कबड्डी में दमखम दिखाना शुरू कर दिया था।
सुरेंद्र सिंह ने वर्ष 2013 से कबड्डी खेल रहे हैं। देहलां स्कूल में दोनों खिलाड़ियों ने एक साथ पीटीई सुशील कुमार के सानिध्य में खेल के गुर सीखे। इसके बाद दोनों एक साथ ही साई हॉस्टल बिलासपुर के लिए चयनित हुए। यहां कोच जयपाल और नंदलाल के पास दोनों ने खेल की बारीकियां सीखीं। विशाल को कबड्डी जूनियर इंडिया में खेलने का मौका वर्ष 2017 में मिला। यहां अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाने के बाद विशाल को प्रो कबड्डी सीजन में खेलने का मौका मिला।
करीब चार साल पहले उनके पिता स्व. विद्या सागर का देहांत हो गया। विशाल की माता मंजू गृहिणी हैं। जबकि उनकी एक बड़ी बहन कनिका है। विशाल भारद्वाज ने बताया कि शुरू से ही कबड्डी खेल में रूचि थी, उनके शारीरिक शिक्षक और कोच ने उन्हें तराशा और आज वह प्रो कबड्डी में हैं। वहीं, सुरेंद्र सिंह के पिता सरदार जसवंत सिंह दुबई में चालक हैं। जबकि माता राकेश कौर गृहिणी हैं। सुरेंद्र का छोटा भाई संदीप भी कबड्डी का राष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रो कबड्डी के लिए तैयारी कर रहा है।
सुरेंद्र सिंह ने कहा कि शुरूआत से कबड्डी खेलने का जुनून था। गुरुजनों के आशीर्वाद यह जुनूम प्रो कबड्डी तक ले आया। कहा कि मेहनत करने पर ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। इसके लिए कोई शॉर्टकट नहीं है।
कबड्डी खिलाड़ी विशाल भारद्वाज- फोटो : Una