ऊना। प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक कुलदीप शर्मा को साहित्य में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए पंजाब कला साहित्य अकादमी के प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पंकस अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह पुरस्कार उन्हें जालंधर स्थित प्रेस क्लब में हाल में हिंद की चादर श्री गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहीदी पर्व को समर्पित 29वें वार्षिक अकादमी अवार्ड समारोह में प्रदान किया गया। ऊना जिले के सुकडीयाल गांव में जन्मे कुलदीप शर्मा अपनी संवेदनशील और सशक्त रचनात्मक अभिव्यक्ति के जाने जाते हैं। उनके कविता संग्रह ‘कवि का पता’,और ‘आत्महत्या से बचे हुए लोग’ तथा उपन्यास ‘मलबा’ ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ी है। यह कविता संग्रह उनके उत्कृष्ट लेखन कर्म का अनुपंम उदाहरण हैं। उन्होंने पत्र-पत्रिकाओं के लिए सैंकड़ों कविताएं, समीक्षाएं एवं लेख भी लिखे हैं।
इससे पहले भी उन्हें उत्कृष्ट लेखन के लिए विभिन्न संस्थाओं द्वारा अनेक पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है। कुलदीप शर्मा को दुष्यंत स्मृति सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा चुका है। वे राष्ट्रीय विपाशा कविता प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त कर चुके हैं, जिसके निर्णायक लीलाधर जगूड़ी, विजय कुमार और विजेंद्र जैसे वरिष्ठ साहित्यकार थे। शर्मा की प्रारंभिक शिक्षा हटली के राजकीय विद्यालय में संपन्न हुई। इसके बाद उन्होंने जालंधर के डीएवी कॉलेज से प्री-इंजीनियरिंग और हमीरपुर पॉलिटेक्निक से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। छात्र जीवन में ही उन्होंने रूसी, फ्रेंच और अमेरिकी साहित्य का गंभीर अध्ययन किया। संवाद