ऊना। सरकारी सीमेंट के दुरुपयोग पर एसीजेएम ऊना मनीषा गोयल की अदालत ने बीते शनिवार को ठेकेदार समेत तीन लोगों दोषी करार देते हुए सजा का फैसला सुनाया है। तीनों को अदालत ने अलग-अलग धाराओं के तहत अलग-अलग सजा सुनाई और जुर्माना भरने के आदेश दिए हैं। जुर्माना न भरने की सूरत पर सजा भुगतनी होगी।
बंगाणा-बड़सर सड़क पर नजदीक लिंक रोड बैरी हटली में 13 नवंबर 2008 को सराई में पुलिस ने नाका लगाया हुआ था। पुलिस को देखकर पिकअप चालक ने लाइट बंद कर दी और कुछ समय बाद वाहन को बैरी हटली सड़क पर ले गया। बाद में पुलिस को यह वाहन बैरी सड़क पर पार्क मिला। जहां आठ सीमेंट बैग अनलोडिड व 39 बैग वाहन में मिले। जिसमें नॉट फॉर सेल गवर्नमेंट सप्लाई लिखा था। पूछताछ में चालक अनिल कुमार आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर पाया। अनिल ने आठ सीमेंट बैग उतारने में सहायता करने वाले अशोक कुमार का नाम बताया। जो पुलिस को देखकर भाग गया था। बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि उक्त वाहन में 45 सरकारी सीमेंट बैग का दुरुपयोग करते हुए किसी दूसरी जगह सप्लाई किया गया था। यह सीमेंट एक ठेकेदार केहर सिंह को विभाग ने जारी किया था। पुलिस ने केस दर्ज किया। जांच पड़ताल के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने 26 गवाहों के बयान व दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया। कोर्ट ने आरोपी ठेकेदार केहर सिंह निवासी पडियोला डाकघर बुढ़ान तहसील बंगाणा जिला ऊना को तीन साल साधारण कारावास की सजा सुनाई जबकि 20 हजार जुर्माना भरने के आदेश दिए। जुर्माना न भरने की सूरत पर छह माह सजा के आदेश दिए। इसी मामले में एक अन्य आरोपी अशोक कुमार निवासी बैरी तहसील बंगाणा जिला ऊना व आरोपी चालक अनिल कुमार निवासी डोहगी तहसील बंगाणा को दो साल साधारण कारावास व दस हजार जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने की सूरत पर तीन माह की सजा के आदेश दिए। जिला न्यायवादी भीष्म चंद ने बीते शनिवार को अदालत से सजा होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामले में एपीपी प्रमोद नेेगी ने स्टेट की तरफ से पैरवी की।