मैहतपुर (ऊना)। स्थानीय शराब उद्योग के श्रमिकों में प्रबंधन के खिलाफ रोष जताया है। बताया जा रहा है कि उद्योग प्रबंधन आए दिन मजदूरों को छुट्टी पर भेज रहा है। इसके चलते मजदूरों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
श्रमिकों का कहना है कि अगर उद्योग में काम नहीं है तो श्रमिकों को बताकर लेआउट लिया जा सकता है। इससे श्रमिक अपने और काम धंधे वक्त रहते कर सकें। सोमवार को इसी बात को लेकर स्थानीय शराब उद्योग के कुछ श्रमिक गेट पर जमा हुए और आगे की रणनीति बनाई। श्रमिकों का कहना है कि उद्योग प्रबंधन को निर्णय करना चाहिए कि वह उद्योग को कितने दिनों तक बंद रखना चाहते हैं अथवा नियमित रूप से चलाने के पक्ष में हैं। इससे दो-दो, चार-चार करके श्रमिकों को अवकाश पर भेजने के बहाने प्रताड़ित न होना पड़े।
सूत्रों के मुताबिक उद्योग प्रबंधन ने श्रमिकों के साथ बातचीत को लेकर अभी तक निर्णय नहीं लिया है। माना जा रहा है कि उद्योग महाप्रबंधक अभी बाहर हैं। इसके चलते श्रमिकों का विवाद 7 अक्तूबर तक स्थगित कर दिया गया है। वहीं श्रमिक यूनियन के सचिव बलवीर चांद ने कहा कि कारखाने में कार्यरत लगभग 70 श्रमिकों को 2 माह का वेतन भी नहीं मिला है। तीन साल से श्रमिकों का ओवरटाइम का पैसा लटका है। बोनस नहीं मिल रहा है। आए दिन प्रबंधन सभी श्रमिकों को काम न होने का बहाना लगाकर अवकाश पर भेज रहा है।
श्रम अधिकारी ऊना प्रेम चंबियाल ने कहा कि शराब उद्योग में प्रबंधन से इस मसले पर उनकी बात हुई है। उद्योग प्रबंधन का मानना है कि श्रमिकों का बकाया वेतन 5 अक्तूबर तक जारी किया जाएगा। उद्योग में वित्तीय स्थिति को देखते हुए उद्योग प्रबंधन अगले कुछ दिनों तक मजदूरों के बकाया के भुगतान का भरोसा दे रहा है।