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Una News: कड़ाके के सर्दी में दूसरे दिन भी जवान के साथ धरने पर डटे रहे ग्रामीण

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बहडाला में रास्ते की मांग को लेकर अभी तक प्रशासन ने नहीं की कोई कार्रवाई
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तहसीलदार का तर्क, प्रशासन की ओर से नहीं आए कोई निर्देश
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। देश की सेवा के लिए तत्पर आईटीबीपी के जवान को अपने घर के रास्ते के लिए धरना देना पड़ रहा है। जिले में पड़ रही कड़ाके की सर्दी के बीच मंगलवार सुबह से आईटीबीपी का जवान और ग्रामीण मिनी सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर बैठे हुए हैं। जवान समेत ग्रामीणों को अपने हक के लिए धरने पर बैठे 48 घंटे हो गए हैं, लेकिन अभी तक प्रशासन की तरफ से किसी भी अधिकारी ने उनकी समस्या का हल निकालने के लिए प्रयास नहीं किए हैं। प्रभावित सरकार और प्रशासन की ओर समस्या का समाधान होने की आस लगाए बैठे हैं। बहडाला के निवासी आईटीबीपी के जवान गुरबचन सिंह और अन्य ग्रामीणों ने मंगलवार रात मिनी सचिवालय के मुख्य गेट के बाहर ही काटी। हालांकि, मंगलवार देर शाम को एसडीएम ऊना पुलिस जवानों सहित धरने पर बैठे लोगों से बातचीत करने के लिए आए। उन्होंने धरना दे रहे ग्रामीणों को सर्दी अधिक होने का हवाला देते हुए घर जाने के लिए भी आग्रह किया। लेकिन, ग्रामीण अपनी मांग पर डटे रहे व पूरी रात मिनी सचिवालय के बाहर काटी। बता दें कि आईटीबीपी के जवान गुरबचन सिंह बहडाला के निवासी हैं। उनके घर को जाने वाला रास्ता स्कूल की चहारदीवारी के चलते बंद कर दिया गया है। इसके अलावा क्षेत्र के ग्रामीण जिनके रास्ते के साथ लगते खेत है, उन्हें भी अपने खेतों में आना-जाना बंद हो गया है। ऐसे में आईटीबीपी के जवान ने बीते दिनों छुट्टी से घर लौटने पर अपने घर का रुख करने से पहले वर्दी में ही एडीसी ऊना को अपना मांग पत्र सौंपा था। इस दौरान उन्होंने मांग की थी कि अगर तीन दिन के अंदर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो मिनी सचिवालय के बाहर वह एकत्रित होकर धरना प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को भी आईटीबीपी के जवान सहित अन्य ग्रामीण धरने पर बैठे रहे। जवान गुरवचन सिंह ने बताया कि वह तब तक अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे जब तक उनकी समस्या का कोई स्थायी हल नहीं निकल जाता है।
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तहसीलदार ऊना शिखा का कहना है कि प्रशासन की ओर से इस समस्या के संदर्भ में कोई भी निर्देश नहीं आए है। जैसे ही प्रशासन की ओर से कोई निर्देश आते हैं। वैसे ही धरातल पर क्रियान्वित किए जाएंगे।
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