ऊना। हाईकोर्ट के आदेश पर क्षेत्रीय अस्पताल परिसर में फार्मेसी दुकान का कब्जा प्रशासन ने ले लिया है और दुकान को खाली करवा दिया है। वहीं, एमएस और सीएमओ की वित्तीय शक्तियां भी अब डीसी के पास आ गई हैं। हाईकोर्ट के आदेशानुसार दुकान का कब्जा 20 अगस्त या इससे पहले लेने के आदेश थे। इस पर यह कार्रवाई शुक्रवार को अवकाश के बावजूद अमल पर लाई गई।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवि मलीमठ और न्यायाधीश ज्योत्सना रिवाल दुआ की खंडपीठ ने ऊना डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स एलायंस की याचिका पर पारित आदेश के अनुसार शुक्रवार को प्रशासन ने कार्रवाई अमल पर लाई। शनिवार से वित्तीय मामलों को भी खुद डीसी राघव शर्मा निपटाएंगे। इसके लिए भी निर्देश जारी हो गए हैं। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि वर्ष 2017 में रोगी कल्याण समिति क्षेत्रीय अस्पताल ऊना ने टेंडर के जरिये क्षेत्रीय अस्पताल ऊना के परिसर में एक फार्मेसी की दुकान को एक लाख रुपये मासिक किराये पर आवंटित किया। इसमें तीन साल बाद 10 प्रतिशत की वृद्धि के साथ सिक्योरिटी का प्रावधान था। तीन साल बाद इसी अस्पताल के परिसर में 18 मार्च 2020 को एक दुकान का आवंटन 9800 रुपये के मासिक किराये पर किया गया है।
याचिका को स्वीकार करते हुए अदालत ने निविदा के आवंटन को खारिज कर दिया और प्रतिवादी मुनीश कुमार को 20 अगस्त को या उससे पहले उपायुक्त ऊना को खाली कब्जा सौंपने का निर्देश दिए थे। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिए कि जब तक जांच और आपराधिक कार्यवाही पूरी नहीं हो जाती तब तक प्रतिवादी एमएस और सीएमओ वित्तीय मामले से नहीं निपटाएंगे। इनके कामकाज का संचालन उपायुक्त करेंगे। जिस पर अब अमल लाया गया है।
वहीं, इस संबंध में डीसी राघव शर्मा ने बताया कि उक्त खाली दुकान का कब्जा ले लिया गया है। मामले की अनुपालना रिपोर्ट शनिवार को हाईकोर्ट को सौंप दी जाएगी।