बंगाणा में चतुर्थ कर्मचारी संघ पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर से मिलते हुए।
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ऊना। राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ शिक्षा विभाग ने एलडीआर की तर्ज पर चतुर्थ श्रेणी से लिपिक बनने के लिए विभागीय कोटे को 30 प्रतिशत किया जाए और इसे प्रतिवर्ष भरने की मांग की है। संघ का एक प्रतिनिधिमंडल प्रदेशाध्यक्ष सुनील बनियाल व जिला अध्यक्ष केशवानंद की अध्यक्षता मे कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर से थानाकलां रेस्ट हाऊस में मिला। इस दौरान संघ के प्रतिनिधिमंडल ने एक मांग पत्र मंत्री को सौंपा।
राज्य स्तरीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने शिक्षा विभाग ने मांग की कि अंश कालीन और दैनिक भोगी के रूप में नियुक्त चतुर्थ और तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 58 से 60 वर्ष एक समान की जाए। 10 मई, 2001 से पहले नियुक्त अंशकालीन और दैनिक भोगी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष है। शिक्षा विभाग में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पांच साल की बजाय तीन वर्ष मेंप्रयोगशाला परिचर या लिपिक बनाया जाए। जब तक इस समय अवधि में बदलाव नहीं होता तब तक इन्हें एकमुश्त छूट देकर पदोन्नत किया जाए।
इसमें लंबे समय से जो जलवाहक कम सेवादार विभाग में पद रिक्त न होने की वजह से पदोन्नति से वंचित हैं, उनको भी राहत मिल जाएगी। पहली जनवरी 2004 से पहले नियुक्त सभी अंशकालीन और दैनिक भोगी कर्मचारियों को नियमित होने के बाद अन्य कर्मचारियों की तर्ज पर पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। इस लाभ के लिए इन कर्मचारियों का अंशकालीन और दैनिकभोगी के समय का कार्यकाल भी जोड़ा जाए।
इन कर्मचारियों ने 15-16 वर्ष तक थोड़े से मानदेय पर विभाग में सेवाएं दी हैं। सभी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए। इस अवसर पर महिंद्र शर्मा, शेर सिंह, दारा सिह, गुरमेल सिंह, राकेश कुमार, सुनील कुमार, सोम दत्त, जीवन कुमार, सुभाष, नीलम कुमारी, रीता देवी और युद्या देवी आदि उपस्थित रहे।