गगरेट (ऊना)। गगरेट अस्पताल में मरीज को एक्सपायर दवा देने की जांच शुरू हो गई है। शुक्रवार को बीएमओ गगरेट ने दवा स्टॉक की जांच की। इस दौरान दवाओं की तारीख जांची गई। प्रारंभिक जांच में अस्पताल में ऐसी कोई भी दवा नहीं मिली है जो एक्सपायर हो चुकी हो। अब विभाग इस मामले में जांच कर रहा है कि मरीज को दी गई दवा उन्हें कब आई और उसका स्टॉक कितना बकाया था।
बीते मंगलवार को एक मरीज ने दावा किया गया था कि उसे अस्पताल से एक्सपायर दवा दी गई। इसे उसने घर जाकर देखा और वापस अस्पताल आकर डॉक्टर को जानकारी दी। इस पर दवा अस्पताल में वापस ले ली गई थी। इसकी शिकायत उपायुक्त को की गई। इस पर उन्होंने अस्पताल स्टाफ से लिखित रिपोर्ट मंगवाई है। अस्पताल में एक्सपायर दवा और दवा जलाने के मामले की जांच बीते बुधवार को ही शिमला की कमेटी करके गई है। अब फिर से दवा एक्सपायर मामले में जांच बैठ गई है।
इसकी जांच करके निदेशक स्वास्थ्य विभाग सेफ्टी और रेगुलेशन को भेजी जाएगी। इस संबंध में बीएमओ गगरेट डॉ. संजीव वर्मा ने बताया कि एक्सपायर दवा मामले में अपने स्तर पर प्रारंभिक जांच कर रहे हैं। किस स्तर पर लापरवाही हुई, इसकी पूरी रिपोर्ट तैयार करके उच्चधिकारियों को भेजी जाएगी। सिविल अस्पताल और ईएसआई को किया जाए अलग-अलग औद्योगिक संघ गगरेट और सिविल अस्पताल में बार-बार अनियमितताओं को लेकर औद्योगिक संघ गगरेट भी तल्ख हो गया है।
संघ के सचिव सुरेश शर्मा ने सरकार को एक पत्र लिखकर मांग की है कि ईएसआई अस्पताल और सिविल अस्पताल को अलग अलग किया जाए। सरकार ने निर्णय न लिया तो आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।