फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Una News: बोर्ड ने एक स्कूल को दे दिया 14 स्कूलों के कलेक्शन सेंटर का भार

Sat, 09 Mar 2024 12:21 AM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, ऊना
विज्ञापन
विज्ञापन
देहलां स्कूल के कलेक्शन सेंटर को बसदेहड़ा स्कूल में किया मर्ज
विज्ञापन

बसदेहडा स्कूल पंजाब की सीमा के साथ सटा होने पर सुरक्षा की दृष्टि से बढ़ी दिक्कत
संवाद न्यूज एजेंसी
नारी/ऊना। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की तरफ से आयोजित की जा रही परीक्षाओं की सामग्री के लिए कलेक्शन सेंटर स्थापित किए गए हैं। इस कड़ी में पंजाब की सीमा के साथ सटे राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसदेहड़ा पर 14 स्कूलों की परीक्षा सामग्री की सुरक्षा का जिम्मा है।
बोर्ड द्वारा कुछ स्कूलों के कलेक्शन केंद्रों को दूसरे स्कूलों में मर्ज कर दिया गया है। इसके पीछे मुख्य कारण सेंटर की रखवाली करने के लिए पर्याप्त स्टाफ नहीं है, परंतु जिन स्कूलों में दूसरे स्कूलों के कलेक्शन सेंटर मर्ज कर दिए गए हैं, उन पर बोर्ड द्वारा भारी भरकम कार्य लाद दिया गया है, जिससे उन स्कूलों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

जानकारी के अनुसार अपने विद्यालय के प्रश्न पत्रों की तथा दूसरे सेंटरों से आए उत्तर पुस्तिकाओं की रखवाली के लिए कलेक्शन सेंटर की जिम्मेवारी होती है। बोर्ड द्वारा बनाया गया कलेक्शन सेंटर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देहलां को राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बसदेहडा में मर्ज कर दिया गया है। बसदेहड़ा स्कूल के पास देहलां स्कूल के कलेक्शन सेंटर को जोड़कर 15 स्कूलों का कलेक्शन सेंटर बना दिया गया है। ऐसे कलेक्शन सेंटर को मर्ज करने का कारण अभी पता नहीं चल पाया है। इस पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला देहला के प्राचार्य राकेश जसवाल ने बताया कि हमारे स्कूल में रात के समय कोई चौकीदार नहीं है। इस समस्या के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड को अपनी कठिनाई से अवगत कराया था। उन्होंने हमारा कलेक्शन सेंटर बसदेहड़ा स्कूल में मर्ज कर दिया है।
विज्ञापन

दूसरी तरफ बसदेहड़ा स्कूल के प्रधानाचार्य राजेंद्र सिंह का कहना है कि देहलां स्कूल के कलेक्शन सेंटर को हमारे सेंटर में मर्ज करने से स्कूलों की संख्या 14 हो गई है। इसके अलावा एक स्कूल नैहला बिलासपुर जिले का भी शामिल है। पेपर सामग्री प्राप्त करने उनकी सुरक्षा तथा हिसाब रखने के लिए स्टाफ की भी जरूरत है। जबकि कुछ स्टाफ बोर्ड ड्यूटी पर पहले ही तैनात है व कुछ पद पहले खाली पड़े हैं। इसलिए 14 स्कूलों का हिसाब रखने में दिक्कत आ रही है। इस मामले पर बोर्ड को उचित कार्रवाई करनी चाहिए।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें