संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिले के प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों के रिक्त पदों को भरना शिक्षा विभाग के लिए काफी मुश्किल भरा काम साबित हो रहा है। बीते दिनों 26 प्राथमिक स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति की गई, लेकिन केवल तीन ने संबंधित स्कूलों में पदभार संभाला। अब शिक्षा विभाग ने 23 शिक्षकों की एक नई सूची जारी की है। दरअसल, स्कूलों में नियुक्त किए नए अध्यापकों में अधिकतर बाहरी जिलों से संबंधित हैं। ऐसे में वे नियुक्ति के लिए एक से अधिक स्थानों पर साक्षात्कार देते हैं और नजदीकी स्कूल में नियुक्ति होने पर वहां पदभार संभाल लेते हैं। ऐसे में सूची में जिले से कम अध्यापकों की नियुक्ति होने के कारण यहां के स्कूलों में शिक्षकों का टोटा कम नहीं हो रहा।
जानकारी के अनुसार प्रतीक्षा सूची से 23 नए अध्यापकों की सूची में एक भी ऊना जिले से संबंधित नहीं है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि दूसरी लिस्ट में शामिल किए अध्यापकों में से बेहद कम स्कूलों में पहुंचेंगे। स्कूलों में अध्यापकों की नियुक्ति के लिए होने वाले साक्षात्कार का आयोजन हर जिले में अलग-अलग तिथि को होता है। ऐसे में आवेदक अपने जिले के अलावा आसपास के जिलों में भी नियुक्ति के लिए साक्षात्कार देते हैं। इसके बाद नियुक्ति मिलने पर वे नजदीकी स्कूलों का रुख करते हैं।
जिला प्रारंभिक शिक्षक संघ के प्रधान राकेश शर्मा ने बताया कि अध्यापकों की नियुक्ति के लिए हर जिले में एक ही दिन साक्षात्कार होने चाहिए। इसके अलावा नियुक्ति से पहले चयनित अध्यापकों से उनकी इच्छा मुताबिक स्कूल के बारे में भी पूछना चाहिए। इससे स्कूलों में अधिक से अधिक अध्यापक ज्वाइन करेंगे।
कोट्स
स्कूलों में अध्यापकों की भर्ती करने की प्रक्रिया में तेजी लाई गई है। एकल, बच्चों की अधिक संख्या वाले और बिना अध्यापक वाले स्कूलों को प्राथमिकता जा रही है। नवनियुक्त अध्यापकों को ज्वाइनिंग के लिए 15 दिन का समय दिया गया है।
देवेंद्र चंदेल, उपनिदेशक, जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग।