ऊना। झलेड़ा-अंब और गगरेट-नादौन फोरलेन के निर्माण को लेकर सर्वेक्षण का कार्य अप्रैल माह से शुरू कर दिया जाएगा। इस सर्वेक्षण में फोरलेन का निर्माण किस प्रकार से होना है, तय किया जाएगा। इसके अलावा फोरलेन में बाजारों को बचाने के लिए बाईपास का निर्माण किया जाना है या नहीं, यह भी सर्वेक्षण के दौरान ही तय किया जाएगा।
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद ही फोरलेन निर्माण को लेकर डीपीआर तैयार की जाएगी। इस सर्वेक्षण के लिए करीब 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।अंब-झलेड़ा और गगरेट-नादौन फोरलेन निर्माण को लेकर विभाग ने प्रक्रिया शुरू कर दी है। निर्माण कार्य शुरू होने से पूर्व फोरलेन का निर्माण किस प्रकार से होना है। इसके लिए एक कंसल्टेंसी टीम को टेंडर अवार्ड हो चुका है। यह टीम अप्रैल से सर्वे का काम शुरू कर देगी।
बता दें कि धर्मशाला-चंडीगढ़ नेशनल इाईवे पर झलेड़ा-मैहतपुर सड़क मार्ग पहले ही फोरलेन में तबदील किए जा चुके हैं। फोरेलेन झलेड़ा तक तो बन चुका है। अब यह फोरलेन झलेड़ा से अंब तक बनाने की योजना है। इसके अलावा गगरेट-अंब-नादौन एनएच को भी फोरलेन में बदला जाएगा। इन दोनों मार्गों से बाहरी राज्यों से हिमाचल में आवागमन होता है। इसके अलावा धर्मशाला, कांगड़ा, चंबा सहित अन्य धार्मिक स्थलों में जाने के लिए ऊना से होकर लोग निकलते हैं। ऐसे में सरकार की तरफ से लोगों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए फोरलेन का निर्माण किया जाना है।
गगरेट- नादौन फाेरलेन के लिए करीब 85 किलोमीटर नेशनल हाईवे को शामिल किया गया है। इसके साथ ही झलेड़ा से अंब बाजार तक करीब 28 किलोमीटर मार्ग को भी फोरलेन में बदला जाना है। सर्वेक्षण के दौरान फोरलेन की एलाइनमेंट को लेकर सर्वेक्षण किया जाना है। इसके बाद ही निर्माण कार्य शुरू करने के लिए डीपीआर तैयार की जाएगी।
सर्वेक्षण में तय होगा तय बाजारों का भविष्य
फोरलेन निर्माण के दौरान अंब, गगरेट, मुबारिकपुर सहित एनएच के साथ सटे क्षेत्र में बाजारों पर फोरलेन बनने से क्या असर पड़ेगा। इसकी रूप रेखा सर्वेक्षण के दौरान ही तय जाएगी। अगर फोरलेन के निर्माण में बाईपास नहीं बनते हैं, तो इन बाजारों की भी फोरलेन की जद में आने की संभावना है।
कोट्स
झलेड़ा-अंब और गगरेट-नादौन फोरलेन को लेकर अप्रैल माह में सर्वेक्षण का कार्य शुरू किया जाएगा। इस दौरान फोरलेन का निर्माण किस हिसाब से होना है। यह इसी सर्वेक्षण में तय होगा। इस सर्वेक्षण के लिए करीब 11 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
ई. हरि राम, अधिशाषी अभियंता, लोनिवि एनएच विंग, हमीरपुर