पंडोगा स्कूल को नही मिली खिडकियां तो लगा दिया कपड़ा। संवाद
ऊना। हरोली विधानसभा क्षेत्र के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला पंडोगा में विद्यार्थी बिना खिड़की, दरवाजे की कक्षाओं में पढ़ाई करने को मजबूर हैं। पहले कक्षाओं की कमी से बच्चे परेशान रहे और अब कमरे निर्मित हुए तो उनमें खिड़कियां व दरवाजे नहीं लग पाए। जहां तक बिजली कनेक्शन तक नहीं दिए गए। गर्मी से बच्चे पसीने से तरबतर होने के बावजूद कक्षाओं में बैठने को मजबूर थे। अब सर्दी के मौसम में भी सर्द हवाएं बच्चों को दिनभर परेशान कर रही हैं। अमर उजाला की ओर से कुछ दिन पहले इस समस्या को प्रमुखता से उठाया गया, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग ने 10 दिन के भीतर बचा कार्य पूरा करने की बात भी कही लेकिन एक माह बीत जाने के बाद भी स्थिति वही है और उधर तापमान लगातार गिर रहा है।
जानकारी के अनुसार पंडोगा स्कूल में एक करोड़ रुपये से अधिक लागत से छह नए कमरे तैयार किए गए हैं। कमरों की तंगी के चलते स्कूल प्रबंधन से नए कमरों में कक्षाएं संचालित करना शुरू कर दिया। अभी तक इन नए कमरों में न खिड़कियां हैं और न दरवाजे। यही नहीं इन कमरों में बिजली का कनेक्शन तक नहीं दिया गया। बच्चे पूरा साल मौसम की मार झेल रहे हैं। वहीं नए कमरे सड़क से सटे होने के कारण धूल-मिट्टी भी खिड़कियों से होते हुए कक्षाओं में पहुंच रही है। सवाल यह भी है कि बिना बिजली कैसे बच्चों को स्मार्ट कक्षाओं का लाभ मिलेगा। यहां तो बच्चे मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे हैं। स्कूल में छठी से दसवीं कक्षा तक 300 से अधिक विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। इस स्कूल के पुराने कमरों को असुरक्षित घोषित कर गिरा दिया गया। उनके स्थान पर करीब दो साल तक नए छह कमरों का निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग के माध्यम से चला। कमरों के निर्माण कार्य के दौरान भी बच्चे कभी बरामदे, कभी स्कूल की स्टेज और कभी खेल मैदान में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं।
नए कमरे तैयार होने पर बच्चों और अध्यापकों को बेहतर व्यवस्था की उम्मीद जगी। शैक्षणिक सत्र 2025-26 की शुरुआत में नए कमरों में बच्चों की कक्षाएं शुरू कर दी गईं। अब सर्दी के मौसम में खिड़कियों और दरवाजों से आने वाली सर्द हवाएं बच्चों व अध्यापकों को परेशान कर रही हैं। कमरों की खिड़कियों को जालीदार हरे पर्दे से बंद किया गया है।
लोक निर्माण विभाग हरोली के एक्सईएन बलदेव सिंह ने बताया कि फंड से जुड़ी कमियों के कारण पंडोगा स्कूल में कक्षाओं का काम लंबित पड़ा है। बजट कुछ दिन के भीतर आने की उम्मीद है, उसके बाद खिड़कियों, दरवाजों व बिजली कनेक्शन का काम पूरा कर दिया जाएगा।