अंब (ऊना)। कुठेड़ा जसवालां में चोरी के मामले में ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अंब कोर्ट नंबर दो विशाल तिवारी की अदालत ने सोमवार को दो लोगों को छह माह के कारावास और दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा का फैसला सुनाया है।
जुर्माना अदा न करने पर दोषियों को पंद्रह दिन और एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। मामले की पैरवी करने वाली सहायक जिला न्यायवादी पूजा धीमान ने बताया कि राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला कुठेडा जसवालां में बतौर प्रधानाचार्य तैनात रहे शिकायतकर्ता राजिंद्र पाल सिंह पुत्र बचित्र सिंह निवासी मुबारिकपुर ने गगरेट पुलिस थाना में शिकायत दर्ज करवाई थी।
शिकायत के मुताबिक 24 जनवरी 2014 को दोपहर के लगभग 12 बजे उनकी कार स्कूल के बाहर खड़ी हुई थी। गाड़ी में उनका बैग, एटीएम कार्ड (जिसका सीक्रेट कोड भी साथ था), आधार कार्ड, सरकारी कागजात, स्कूल की चाबियां और मुहरें रखी थीं। जब वह दोपहर के लगभग ढाई बजे कार के पास वापस आए तो उन्होंने पाया कि उनका हैंडबैग वहां पर नहीं था। जिस पर उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस में दर्ज करवाई। जिससे उनके कागजात का कोई गलत इस्तेमाल न कर सके। इसके बाद उसी दिन शाम को आरोपियों ने स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के गगरेट स्थित एटीएम से चार बार अलग-अलग ट्रांजेक्शन से 39 हजार रुपये उसके एटीएम से निकाल लिए। जो वहां के सीसीटीवी फुटेज में नजर आ गए। इसके आधार पर हुई निशानदेही पर पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
जांच के दौरान पुलिस ने एक आरोपी के घर से 24 हजार रुपये और एक मोबाइल बरामद किया था। पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद चालान कोर्ट में दायर किया। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए परमजीत सिंह को आईपीसी धारा 379 के तहत छह महीने की कैद और सात हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 427 के तहत तीन महीने की कैद, तीन हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना अदा न करने पर 15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई। जबकि पुनीत कुमार को आईपीसी की धारा 379 के तहत छह महीने की कैद और सात हजार रुपये जुर्माना, आईपीसी की धारा 427 के तहत दोषी करार देते हुए तीन महीने की कैद और तीन हजार रुपये जुर्माना व जुर्माना अदा न करने पर एक महीना अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई।