संतोषगढ़ (ऊना)। नगर परिषद संतोषगढ़ के मुख्य बस अड्डे और डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के पास खुले शराब ठेके का स्थानीय लोग और व्यापारी कड़ा विरोध कर रहे हैं। डॉ. भीमराव आंबेडकर वेलफेयर सोसायटी के प्रधान सुरिंद्र बस्सी, उपप्रधान सुलिंद्र चोपड़ा सहित अन्य सदस्यों ने कहा कि नगर के बीचों-बीच महत्वपूर्ण स्थानों पर शराब का ठेका खुलना बेहद आपत्तिजनक है।
स्थानीय निवासियों और दुकानदारों का कहना है कि पहले से ही शहर में दो शराब ठेके मौजूद हैं। ऐसे में आबादी वाले क्षेत्र में नया ठेका खोलने की कोई जरूरत नहीं है। पहले भी इस स्थान पर शराब ठेका खोलने का प्रयास किया गया था, जिसका उस समय भी कड़ा विरोध हुआ था। मगर अब कुछ दिनों पहले एक बार फिर डॉ. भीमराव आंबेडकर चौक के पास शराब का ठेका खोल दिया है।
विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि ठेका खुलने से यहां शराब पीने वालों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे अराजकता और असुरक्षा का माहौल बन सकता है। इस क्षेत्र में बस अड्डा और कई दुकाने हैं, जहां महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की आवाजाही रहती है। ऐसे में ठेके की मौजूदगी से सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। यह इलाका शहर का प्रमुख और संवेदनशील स्थान है, जहां ठेके का खुलना उचित नहीं है।
डॉ. भीमराव आंबेडकर वेलफेयर सोसायटी ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि इस ठेके को किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए। स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने इस मामले पर जल्द कोई कदम नहीं उठाया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। वहीं नवीन महे, महेश सहजल सहित अन्य स्थानीय लोगों ने भी ठेके का विरोध दर्ज कराया और इसे जल्द से जल्द बंद करने की मांग की।