मैहतपुर में सिल्वर मेडल विजेता निषाद कुमार के आने की खुशी में भगड़ा डालती बहन व ग्रामीण
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ऊना। पैरालंपिक में रजत पदक विजेता निषाद के मैहतपुर पहुंचने से पहले जीत के जश्न पर खूब भंगड़ा डाला गया। जश्न को देखकर निषाद के परिजन भी खुद नहीं रोक पाए। बहन रमा, पिता रशपाल और माता ने भी भंगड़ा डाला।
निषाद के मैहतपुर में स्वागत के लिए विशेष तौर पर बदाऊं से ग्रामीण पहुंचे थे। निषाद के स्वागत के लिए बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग पहुंचे थे।
युवाओं ने मैहतपुर में बोलियां गाकर भंगड़ा डाला। इस दौरान निषाद जिंदाबाद, भारत माता की जय और वंदेमातरम के उद्घोष लगे। युवाओं का जोश देखते ही बन रहा था। युवाओं के इस जोश में महिलाएं और लोग भी शामिल हुए और भंगड़ा डाला। निषाद के पहुंचने पर हर कोई उनसे मिलने को आतुर दिखा। कुछ क्षण वे भावुक हो गए, लेकिन बाद में स्वागत के लिए जुटी भीड़ को देख उनका चेहरा खिल उठा। उन्होंने सभी के तोहफों को स्वीकार करते हुए आशीर्वाद और प्यार कबूल किया।
सुरक्षा के बीच रास्ते में उनके स्वागत के लिए खड़े लोगों से वह मिले। निषाद और उनके परिवार की सादगी का हर कोई कायल दिखा। साधारण परिवार से संबंध रखने वाले सभी सदस्य अपनी खुशी को शब्दों में बयां नहीं कर पाए।