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Una News: स्कूलों में बच्चों से जाति, धर्म व लिंग के आधार पर भेदभाव न करने की हिदायत

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प्रदेश के कई क्षेत्रों में ऐसे मामले सामने आने के बाद जारी किए दिशा-निर्देश

पीएम पोषण स्कीम कार्यक्रम में विशेषकर सभी को समानता के साथ व्यवहार के निर्देश

ऊना जिला के स्कूलों को हिदायत, बच्चों को नियमों के तहत ही परोसें खाना
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। जिला में स्कूलों के भीतर बच्चों के साथ जाति, धर्म व लिंग के आधार पर किसी भी प्रकार का भेदभाव न करने को लेकर सख्त निर्देश जारी किए गए हैं। हाल ही में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से इस तरह की शिकायतें सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने सभी जिलों को स्पष्ट हिदायत दी है कि सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी के साथ समानता और सम्मान का व्यवहार सुनिश्चित किया जाए।

शिक्षा विभाग की ओर से जारी दिशा-निर्देशों में विशेष रूप से प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत संचालित मिड-डे-मील कार्यक्रम का उल्लेख किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भोजन वितरण के दौरान किसी भी छात्र को उसकी जाति, धर्म या लिंग के आधार पर अलग बैठाना, अलग बर्तनों में भोजन देना या किसी प्रकार का भेदभाव करना पूरी तरह प्रतिबंधित है। सभी बच्चों को एक साथ बैठाकर समान रूप से भोजन परोसा जाए।
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ऊना जिला के सभी सरकारी स्कूलों को भी इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। जिला शिक्षा विभाग ने स्कूल प्रमुखों को आदेश दिए हैं कि वे अपने-अपने संस्थानों में इन दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। इसके मिड-डे मील से जुड़े कर्मचारियों और शिक्षकों को भी संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करने की हिदायत दी गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि भोजन वितरण केवल निर्धारित नियमों के तहत ही किया जाए। बच्चों को पोषणयुक्त और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाए तथा किसी भी तरह की शिकायत मिलने पर संबंधित स्कूल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा, स्कूल प्रबंधन समितियों को भी सतर्क रहने और किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तुरंत विभाग को देने के निर्देश दिए गए हैं।

उपनिदेशक जिला प्रारंभिक शिक्षा विभाग सोमलाल धीमान ने कहा है कि स्कूल बच्चों के सर्वांगीण विकास का केंद्र हैं, जहां समानता, भाईचारे और संवैधानिक मूल्यों की शिक्षा दी जाती है। ऐसे में भेदभाव की किसी भी घटना को गंभीरता से लिया जाएगा। जिला स्तर पर समय-समय पर निरीक्षण भी किए जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि निर्देशों का पालन हो रहा है।
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शिक्षा विभाग ने सभी अभिभावकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें किसी प्रकार के भेदभाव की जानकारी मिलती है तो वे तत्काल संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी या जिला शिक्षा कार्यालय को सूचित करें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।
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