जिला ऊना के प्रथम महासम्मेलन में शिक्षकों के हितों के मुद्दों पर गरजी आवाज
सर्वसम्मति से मांगपत्र तैयार, बोले- सीबीएसई प्रणाली के विरोध में नहीं, लागू करने की कार्यप्रणाली पर आपत्ति
संवाद न्यूज एजेंसी
ऊना। स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (एचपीएसएलए) जिला ऊना इकाई का प्रथम जनरल हाउस रविवार को रावमापा, समूरकलां में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में नवगठित जिला कार्यकारिणी की बुकलेट का विमोचन मुख्य संरक्षक विनोद वनियाल, वरिष्ठ प्रांत उपाध्यक्ष विकास रत्न, जिला अध्यक्ष शशि सैनी एवं अन्य वरिष्ठ पदाधिकारियों द्वारा किया गया। बैठक की अध्यक्षता जिला प्रधान शशि सैनी ने की। जिलेभर से आए प्रवक्ताओं ने शिक्षकों के हितों से जुड़े ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर अपने विचार रखे। महासचिव संजीव कुमार ने बताया कि विस्तृत चर्चा के बाद सर्वसम्मति से प्रवक्ता संघ का साझा मांगपत्र तैयार किया गया, जिसे शीघ्र ही प्रदेश सरकार को सौंपा जाएगा।
सीबीएसई प्रणाली के तहत प्रस्तावित बदलाव का विरोध
बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से सीबीएसई प्रणाली में परिवर्तित करने और अलग सीबीएसई कैडर बनाने के प्रस्ताव का विरोध किया गया। वक्ताओं ने स्पष्ट कहा कि जिन विद्यालयों को सीबीएसई का दर्जा दिया गया है, वहां पहले से कार्यरत शिक्षकों को ही पढ़ाने का अवसर मिलना चाहिए। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि प्रदेश के शिक्षक आयोग व अन्य कठिन परीक्षाएं उत्तीर्ण कर सेवा में आए हैं और वर्षों से उत्कृष्ट परिणाम दे रहे हैं। ऐसे में कार्यरत शिक्षकों से दोबारा परीक्षा लेना उनकी योग्यता और अनुभव पर प्रश्नचिह्न लगाने जैसा है। यह कदम शिक्षकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला है।
जनरल हाउस में जोरदार ढंग से यह भी मुद्दा उठाया गया कि संबंधित पदों के भर्ती एवं पदोन्नति नियम (आर एंड पी रूल्स) प्रकाशित किए बिना अलग उप-वर्ग बनाकर परीक्षा लेने की प्रक्रिया न्यायसंगत नहीं है। इसके अलावा, सीबीएसई वर्ग में जाने पर वरिष्ठता समाप्त करने के प्रावधान को भी शिक्षक हितों के विरुद्ध बताया गया।
शिक्षकों को प्रशिक्षण का सुझाव
संघ के अध्यक्ष शशि सैनी और महासचिव संजीव कुमार ने दोहराया कि संघ सीबीएसई प्रणाली के विरोध में नहीं है, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली पर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारना चाहती है तो पहले विद्यालयों में रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरा जाए और आधारभूत ढांचे को मजबूत किया जाए। कार्यरत शिक्षकों को अलग परीक्षा देने के बजाय प्रशिक्षण देकर सीबीएसई प्रणाली के अनुरूप तैयार किया जा सकता है।
वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता और नियमितीकरण की मांग
बैठक में पूर्व की प्रथा के अनुसार वर्ष में अनुबंध कर्मियों को दो बार नियमित करने, लंबित महंगाई भत्ता एवं पे एरियर जारी करने तथा अधिग्रहण के तहत अनुबंध पर सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को बी.एड. की शर्त हटाकर नियमित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई। संघ पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शिक्षक वर्ग के हितों की अनदेखी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर आंदोलन की रणनीति भी बनाई जाएगी।