बचत भवन ऊना में नशा मुक्ति केंद्रों के संचालक के लिए आयोजित कार्यशाला कैलेंडर जारी करते मंत्री व?
- फोटो : Una
ऊना। ग्रामीण विकास मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि सरकार ने एकीकृत नशीली दवा रोकथाम नीति को मंजूरी दी है। नीति के तहत युवाओं को नशे की लत से छुटकारा दिलाने और तस्करी रोकने के लिए निदेशालय शीघ्र ही बनाया जाएगा।
निदेशालय बनाने वाला हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा। वीरेंद्र कंवर नश मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्रों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण एवं जिला स्वास्थ्य विभाग ऊना के संयुक्त तत्वाधान में बचत भवन ऊना में आयोजित इस कार्यशाला में जिले में संचालित 27 नशा मुक्ति केंद्रों के लगभग 100 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि इस नीति के तहत नशे के धंधे को रोकने के लिए शहरों से लेकर गांवों तक सूचना तंत्र तैयार किया जाएगा। संबंधित विभाग आपस में समन्वय स्थापित कर नशा माफिया के विरुद्ध कार्रवाई अमल में लाएंगे। इस मोर्चे पर हिमाचल पंजाब और हरियाणा राज्यों के साथ संयुक्त रणनीति पर भी पूरे समन्वय के साथ काम कर रहा है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण डॉ. संजय पाठक ने कार्यशाला बारे विस्तृत जानकारी मुहैया करवाई।
उन्होंने उपस्थित एनजीओ के प्रतिनिधियों को कानूनी पहलुओं के बारे में भी अवगत करवाया। कार्यशाला के शुभारंभ पर स्वर कोकिला लता मंगेशकर के निधन पर दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। इस अवसर पर एडीसी डॉ. अमित कुमार शर्मा, सीएमओ डॉ. रमन कुमार शर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष मनोहर लाल शर्मा व अन्य मौजूद रहे।