हिमाचल पथ परिवहन निगम तकनीकी कर्मचारियों ने मांगों को लेकर आवाज बुलंद कर दी है। निगम प्रबंधन पर मांगों की अनदेखी पर कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। बुधवार को कर्मचारियों ने यूनियन की त्रैमासिक बैठक के दौरान मामले को लेकर रोष प्रदर्शन किया।
उन्होंने वर्कशॉप के मेन गेट पर सरकार और निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। कर्मचारियों ने दो टूक कहा है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गई तो उन्हें मजबूरन उग्र संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा। इससे पूर्व संगठन की त्रैमासिक बैठक का आयोजन ऊना स्थित हिमाचल पथ परिवहन निगम की वर्कशॉप में किया गया। बैठक की अध्यक्षता तकनीकी कर्मचारी संगठन के प्रदेशाध्यक्ष राजेंद्र ठाकुर ने की।
इसमें निगम के अन्य डिपुओं से भी कर्मचारी नेताओं ने भाग लिया। बैठक में निगम की कार्यशालाओं की दुर्दशा पर आक्रोश जताया गया। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जहां कर्मचारी निगम को सेवाएं देते हैं, कम से कम उस स्थान की प्रबंधन को सुध लेनी चाहिए। कर्मचारियों को बेहतर सुविधाएं मुहैया करवानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पीस मील कर्मचारियों की समय सीमा तय की जानी चाहिए। कर्मचारियों ने मेडिकल बिलों की समय पर अदायगी न किए जाने पर भी ऐतराज जताया है। प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि निगम प्रबंधन को इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए कर्मचारियों के हितों की रक्षा करनी चाहिए।
इससे वह बेफिक्र होकर बेहतर सेवाएं प्रदान कर सकें। उन्होंने बताया कि निगम के बेड़े में शामिल की गई नई बसों की मेंटेनेंस में भी कर्मचारियों को दिक्कतें आ रही हैं। इस कारण निगम प्रबंधन की ओर से नई गाड़ियों के टूल उपलब्ध न करवाना है। बैठक में कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई।
बैठक में संगठन के प्रदेश महासचिव सुरेश ठाकुर, ऊना इकाई के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार, सचिव प्रवेश कुमार, राकेश कुमार, टेक चंद, महेंद्र सिंह, विकास कुमार, कृष्ण समेत अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।